माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर वाराणसी के गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। भीड़ के बीच गंगा में स्नान के दौरान कई बार अप्रत्याशित घटनाएं भी सामने आती हैं। ऐसे में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के निर्देश पर घाटों पर तैनात है, जो हर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
बरेली। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर वाराणसी के गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। भीड़ के बीच गंगा में स्नान के दौरान कई बार अप्रत्याशित घटनाएं भी सामने आती हैं। ऐसे में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के निर्देश पर घाटों पर तैनात है, जो हर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
बुधवार को एनडीआरएफ के जवानों ने मणिकर्णिका घाट और चौंसठी घाट पर दो महिला श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया। बरेली निवासी 25 वर्षीय शानू पाल मणिकर्णिका घाट पर गंगा स्नान के दौरान अचानक तेज बहाव में बहने लगीं। राजस्थान की 40 वर्षीय पूनम चौंसठी घाट पर स्नान करते समय संतुलन खो बैठीं और पानी में डूबने लगीं। एनडीआरएफ की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया ने दोनों श्रद्धालुओं के जीवन की रक्षा की। जवानों ने बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगाई और अपनी कुशलता से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
एनडीआरएफ की टीम के इस कौशलपूर्ण और साहसिक बचाव अभियान की घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं ने प्रशंसा की। अगर समय पर बचाव नहीं होता, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।
एनडीआरएफ ने फिर से साबित किया कि वे आपातकालीन स्थितियों में तत्परता और दक्षता के साथ काम करते हुए जीवन रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।