भ्रमण के दौरान समिति के सदस्यों ने रामायण वाटिका में स्थापित भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊँची भव्य प्रतिमा का अवलोकन किया और इसके कलात्मक सौंदर्य, भव्यता और आध्यात्मिक गरिमा की खुले आम प्रशंसा की।
बरेली। रामगंगा नगर आवासीय योजना की रामायण वाटिका बरेली के लिए गर्व का विषय बन गई है। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की अंकुश समिति ने गुरुवार को इस भव्य स्थल का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान समिति के सदस्यों ने रामायण वाटिका में स्थापित भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊँची भव्य प्रतिमा का अवलोकन किया और इसके कलात्मक सौंदर्य, भव्यता और आध्यात्मिक गरिमा की खुले आम प्रशंसा की।
समिति ने कहा कि यह प्रतिमा केवल एक आकर्षक संरचना नहीं है, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति, मर्यादा और आदर्शों का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की प्रतिमाएँ जनमानस में श्रद्धा, आस्था और नैतिक मूल्यों को मजबूत करती हैं। भ्रमण के दौरान समिति ने रामायण वाटिका में विकसित हरित क्षेत्र, सुव्यवस्थित लैंडस्केपिंग, साफ-सुथरे और व्यवस्थित मार्ग, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएँ और समग्र स्वच्छता का भी बारीकी से निरीक्षण किया। समिति ने कहा कि वाटिका का प्रबंधन और रख-रखाव उत्कृष्ट है और यह अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए उदाहरण पेश करता है।
निरीक्षण के उपरांत समिति ने बीडीए उपाध्यक्ष डॉ ए मनिकंडन को स्पष्ट निर्देश दिए कि रामायण वाटिका की तरह अन्य योजनाओं में भी गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आम जनता को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इसका पालन हर परियोजना में सुनिश्चित होना चाहिए।
इस कदम से बरेली में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी और लोग शहर की योजनाओं में बढ़ती शुद्धता और सुंदरता का अनुभव कर सकेंगे। हालांकि सवाल यह भी उठता है कि क्या बाकी योजनाओं में भी इतनी ही निगरानी और समर्पण दिखाया जाएगा। रामायण वाटिका की भव्यता और प्रबंधन ने यह साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति और सही योजना हो, तो छोटे शहरों में भी विश्वस्तरीय परियोजनाएँ तैयार की जा सकती हैं।