AAP कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर एफडीआई को वापस लेने की मांग की है।
बरेली। फॉरेन डाइरेक्ट इन्वेस्टमेंट यानि एफडीआई के विरोध में आम आदमी पार्टी के नेता शनिवार को सड़कों पर उतरे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने एफडीआई के विरोध में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का पुतला फूंकने के साथ ही राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर एफडीआई को वापस लेने की मांग की।
विदेशी कम्पनियों को खुली छूट
इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक नवनीत अग्रवाल ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' का नारा देने वाली मोदी सरकार आखिर विदेशी कंपनियों पर मेहरबान क्यों है। उन्होंने कहा कि पहले यूपीए सरकार ऑटोमेटिक रूप से 49 फीसदी रिटेल एफडीआई लाई थी, लेकिन मोदी सरकार ने अब उसे 100 फीसदी कर दिया। इसके अलावा यूपीए सरकार ने विदेशी कंपनियों के लिए 30 फीसदी सामान भारतीय बाजार से खरीदने की अनिवार्यता रखी थी। जबकि मोदी सरकार ने पांच साल के लिए इसे भी खत्म कर विदेशी कंपनियों को खुली छूट दे दी है। इस वजह से भारत के छोटे-छोटे ब्रांडस का उनके सामने टिकना मुश्किल हो जायेगा ।
फैसला वापस न होने पर होगा आंदोलन
आम आदमी पार्टी का कहना है कि हैरानी की बात है कि जब यूपीए सरकार 49 फीसदी एफडीआई लाई थी। उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम थे। उन्होंने यूपीए सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि विदेशियों की सरकार विदेशियों के लिए काम कर रही है और जब आज वो प्रधानमंत्री हैं तो अपनी ही बात को भूल गए हैं। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा कि देश में रिटेल कारोबार से करीब पांच करोड़ लोग जुड़े हैं। जबकि अप्रत्यक्ष रूप से करीब 20 करोड़ लोगों के इससे जीवन चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो प्रदेश की सड़कों पर आन्दोलन किया जायेगा।