बरेली

फीस के नाम पर रोके 12वीं के छात्रों के एडमिट कार्ड, स्कूल में हंगामा; परीक्षा छूटी तो भड़की एबीवीपी, धरने पर बैठे कार्यकर्ता

सुभाष नगर क्षेत्र में सेंट एंड्रू स्कूल में फीस बकाया होने का हवाला देकर 12वीं कक्षा के तीन छात्रों के प्रवेश पत्र रोक लिए गए।

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Feb 18, 2026

बरेली। सुभाष नगर क्षेत्र में सेंट एंड्रू स्कूल में फीस बकाया होने का हवाला देकर 12वीं कक्षा के तीन छात्रों के प्रवेश पत्र रोक लिए गए। बुधवार सुबह जब सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा शुरू हुई तो तीनों छात्र स्कूल परिसर के बाहर प्रबंधन के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें एडमिट कार्ड नहीं दिया गया।

छात्रों का आरोप है कि परीक्षा से ठीक पहले स्कूल प्रबंधन ने बकाया फीस जमा करने का दबाव बनाया। परिजनों ने बताया कि फीस भुगतान को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन परीक्षा के दिन अचानक एडमिट कार्ड रोक दिया गया। छात्रों ने रोते हुए बताया कि वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचना चाहते थे, मगर प्रवेश पत्र न मिलने से वे केंद्र के बाहर ही रह गए।

स्कूल पर भड़की एबीवीपी, प्रिंसिपल कार्यालय में ताला

मामले की जानकारी मिलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रांत मंत्री आनंद कठेरिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने प्रिंसिपल कार्यालय में ताला जड़ दिया और प्रबंधन पर छात्रों का भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाया। काफी देर तक स्कूल परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि फीस बकाया थी भी, तो बोर्ड परीक्षा में बाधा डालना न केवल अनैतिक है बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

चौंकाने वाला खुलासा: सीबीएसई से मान्यता ही नहीं!

मामले में उस समय बड़ा मोड़ आया जब सीबीएसई की सिटी कोऑर्डिनेटर ममता सक्सेना ने स्पष्ट किया कि सेंट एंड्रू स्कूल नाम से कोई भी संस्थान केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से मान्यता प्राप्त नहीं है। यह खुलासा सामने आते ही सवाल खड़े हो गए कि आखिर बिना मान्यता के स्कूल कैसे संचालित हो रहा था और छात्र किस आधार पर 12वीं की परीक्षा दे रहे थे।

प्रबंधन ने दी सफाई, पुलिस जांच में जुटी

स्कूल के प्रबंधक मोहित चंद्र ने दावा किया कि यह विद्यालय नहीं बल्कि एक कोचिंग सेंटर है। उनका कहना है कि अभिभावकों को बुलाने के उद्देश्य से एडमिट कार्ड रोके गए थे, परीक्षा से वंचित करने की मंशा नहीं थी। हालांकि इस बयान के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ। सुभाष नगर थाना क्षेत्र के इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि छात्रों की तहरीर के आधार पर स्कूल प्रबंधक को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। बिना मान्यता स्कूल चलाने, छात्रों का भविष्य खतरे में डालने और परीक्षा में बाधा पहुंचाने जैसे आरोपों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने कहा कि यदि दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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