यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य से जुड़े विवाद को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार ने रविवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। मुलाकात के बाद अलंकार ने यूजीसी नियमों को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए महाआंदोलन और दिल्ली कूच का ऐलान किया।
बरेली। यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मुखर रुख अपनाने वाले बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने रविवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। सरकारी सेवा से इस्तीफा दे चुके अलंकार ने इस मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला।
अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना के बाद उनकी स्वामी जी से बातचीत हुई थी। स्वामी जी ने उन्हें प्रयागराज आने का निमंत्रण दिया था, लेकिन तब तक वे वाराणसी रवाना हो चुके थे। इसके बाद बरेली में दोनों की मुलाकात हुई।
आगे किस तरह से विरोध किया जाएगा, इस सवाल पर अलंकार ने कहा कि वर्ष 1989 में देश का सबसे काला कानून एससी-एसटी एक्ट लागू हुआ। उनका आरोप है कि अब यूजीसी से जुड़े नए कानूनों ने सरकार की असलियत जनता के सामने ला दी है।
अलंकार अग्निहोत्री ने दावा किया कि सरकार के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश है और उसका कोर वोटर उससे दूर हो चुका है। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी कानून से 85 प्रतिशत लोग प्रभावित होते हैं, जबकि 95 प्रतिशत मामले फर्जी हैं।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 6 फरवरी 2026 तक यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो 7 फरवरी को देशव्यापी महाआंदोलन किया जाएगा। अलंकार ने कहा कि इस आंदोलन के तहत दिल्ली कूच किया जाएगा और आम जनता से भी इसमें शामिल होने की अपील की जाएगी।