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वायरल वीडियो ने खोली निपुण मूल्यांकन की पोल, रिश्वत के आरोप में दो प्रशिक्षु निलंबित, जांच में हुआ ये खुलासा

निपुण भारत मिशन के तहत चल रहे मूल्यांकन में रिश्वत मांगने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। शिक्षकों से रुपये मांगने के आरोप में डायट के दो डीएलएड प्रशिक्षुओं को निलंबित कर दिया गया है।
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बरेली

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Avanish Pandey

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Updated: 1 Feb 2026, 6:42 PM IST

बरेली। निपुण भारत मिशन के तहत चल रहे मूल्यांकन में रिश्वत मांगने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। शिक्षकों से रुपये मांगने के आरोप में डायट के दो डीएलएड प्रशिक्षुओं को निलंबित कर दिया गया है।

मामला बिथरी चैनपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय परेवा कुईया का है। यहां निपुण मूल्यांकन के लिए पहुंचे डायट के दो डीएलएड प्रशिक्षु रोहित और सुमित पर शिक्षकों से रुपये मांगने का आरोप लगा। आरोप है कि मूल्यांकन में सहूलियत देने के बदले प्रशिक्षुओं ने पैसे की मांग की, जिसका वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो वायरल होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। शुरुआती जांच में वीडियो में दिख रहे दोनों डीएलएड प्रशिक्षुओं को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से दो सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया।

निपुण भारत मिशन से हमेशा के लिए बाहर

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) फरीदपुर ने दोनों प्रशिक्षुओं पर और सख्ती दिखाते हुए उन्हें भविष्य में निपुण भारत मिशन की किसी भी मूल्यांकन प्रक्रिया से स्थायी रूप से बाहर कर दिया है। अब वे किसी भी स्कूल में आकलन कार्य नहीं कर सकेंगे। पूरे मामले की तह तक जाने के लिए डायट की प्राचार्य डॉ. दीप्ति वार्ष्णेय ने तीन सदस्यीय विशेष जांच समिति बनाई है। समिति सभी तथ्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जहां-जहां हुआ आकलन, वहां फिर से होगा मूल्यांकन

प्राचार्य ने साफ किया है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उन सभी स्कूलों में दोबारा निपुण मूल्यांकन कराया जाएगा, जहां इन दोनों प्रशिक्षुओं ने पहले आकलन किया था। इसका मकसद यह है कि किसी भी गड़बड़ी का असर बच्चों की पढ़ाई और उनके परिणामों पर न पड़े। डॉ. दीप्ति वार्ष्णेय ने कहा कि निपुण भारत मिशन ईमानदार और गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन पर आधारित है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

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