बरेली

Amitabh Bachchan ने पिता हरिवंशराय बच्चन को लेकर खोला बड़ा राज, झुमके की नगरी का किया जिक्र

Amitabh Bachchan: एक्टर अमिताभ बच्चन ने अपने पिता हरिवंशराय की शादीशुदा जिंदगी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर बताया कि कैसे पिता की पहली पत्नी के निधन के बाद वह सदमे में चले गए थे। साथ ही, उन्होंने पिता और अपनी मां के पहले मिलन के बारे में भी बताया।

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Oct 15, 2024

Amitabh Bachchan: बिग बी अमिताभ बच्चन अक्सर 'कौन बनेगा करोड़पति' के मंच पर अपने पिता हरिवंशराय बच्चन के बारे में बातें करते रहते हैं। बच्चन कभी भी अपने पिता के प्रति सम्मान दिखाने का मौका नहीं चूकते, कभी-कभी, उनकी कविताओं को सुनाकर तो कभी उनसे जुड़ी कहानियां सुना कर बताते हैं कि वे कितनी प्रेरणादायक थे। इस बार उन्होंने अपने पिता हरिवंशराय बच्चन और उनकी शादी को लेकर बातें शेयर की हैं।

अमिताभ बच्चन ने इस बार हॉट सीट पर बैठे लोगों के साथ अपने पिता की पहली पत्नी के बारे में बातें की। इसके साथ ही, यह भी बताया कि उनके पिता की मुलाकात मां तेजी बच्चन से कब और कैसे हुई। आपको बता दें कि इन दिनों अमिताभ बच्चन के बेटे अभिषेक बच्चन और उनकी बहू ऐश्वर्या राय बच्चन तलाक की अफवाहों की वजह से काफी सुर्खियों में हैं। आइए जानते हैं कि बिग बी ने अपने मां-पिता को लेकर क्या कहा है…

अमिताभ बच्चन ने पिता की पहली पत्नी का किया जिक्र

एक्टर अमिताभ ने KBC के सेट पर कहा, “मेरे पिता हरिवंशराय बच्चन अपनी पहली पत्नी के निधन बाद बेहद गंभीर स्थिति में चले गए थे। वह बहुत उदास अवस्था में थे। उस समय उन्होंने जितनी भी कविताएं लिखीं वो सब बहुत दुख से भरी हुई थीं। कुछ साल बाद, उन्होंने कवि सम्मेलन में जाना शुरू किया ताकि कुछ पैसे कमा सकें।”

बरेली में हुई हरिवंशराय बच्चन और तेजी बच्चन की पहली मुलाकात

अमिताभ बच्चन ने आगे कहा, “ यूपी के बरेली में उनके एक दोस्त हुआ करते थे, उन्होंने पिताजी को अपने पास बुलाया। पिताजी भी उनसे मिलने बरेली पहुंचे। दोनों जब साथ बैठकर डिनर कर रहे थे तब उन्होंने पिताजी से एक कविता सुनाने का अनुरोध किया। इससे पहले कि पिताजी कविता शुरू करते, उनके दोस्त ने अपनी पत्नी से मां (तेजी बच्चन) को अंदर से बुलाने के लिए कहा।”

‘पिता की कविता सुन रो पड़ीं मां’

इसके बाद बिग बी आगे बताया कि उनके पिता और मां तेजी बच्चन का मिलन कैसे हुआ। उन्होंने कहा, "वहीं पिताजी की पहली बार हमारी माताजी से मुलाकात हुई थी। मां के आने के बाद पिताजी ने ‘क्या करूं संवेदना लेकर तुम्हारी’ कविता पढ़कर सुनाई। मां रो पड़ीं। ऐसे में पिताजी के दोस्त ने मां और पिताजी को अकेले छोड़ दिया। थोड़ी देर बाद, वे माला लेकर बाहर आए और उन्होंने पिताजी से बात की। बस उसी दिन पिताजी ने तय किया कि वह मां के साथ अपनी आने वाली जिंदगी बिताना चाहते हैं।”

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