मुकद्दस महीने रमजान की आमद से पहले बरेली स्थित दरगाह आला हजरत और ताजुश्शरिया से चांद देखने को लेकर अहम अपील जारी की गई है।
बरेली। मुकद्दस महीने रमजान की आमद से पहले बरेली स्थित दरगाह आला हजरत और ताजुश्शरिया से चांद देखने को लेकर अहम अपील जारी की गई है। जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान (फरमान मियां) ने कहा कि रमजान मुसलमानों के लिए सबसे पाक और बरकत वाला महीना है, जिसकी शुरुआत चांद दिखाई देने के बाद ही होती है।
उन्होंने बताया कि इस्लामी कैलेंडर के अनुसार शाबान महीने की 29वीं तारीख की शाम को चांद नजर आता है तो अगले दिन पहला रोजा रखा जाता है। चांद दिखने की तस्दीक के बाद उसी रात इशा की नमाज के साथ तरावीह की नमाज भी शुरू हो जाती है।
फरमान मियां ने बरेली और आसपास के जिलों के लोगों से अपील की है कि अगर कहीं चांद नजर आए तो उसकी शरई गवाही के लिए तुरंत दरगाह स्थित मरकजी दारुल इफ्ता और रूयते हिलाल कमेटी से संपर्क करें, ताकि आधिकारिक ऐलान समय पर किया जा सके। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 8057777749 जारी किया गया है। इस नंबर पर चांद दिखने की सूचना दी जा सकती है। उलेमा-ए-कराम और आमजन से भी कहा गया है कि बिना पुष्टि के अफवाह न फैलाएं और अधिकृत ऐलान का इंतजार करें।
रमजान के मद्देनजर फरमान मियां ने जिला प्रशासन से साफ-सफाई, बिजली और पानी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सेहरी और इफ्तार के समय बिजली कटौती न हो, मस्जिदों और बाजारों के आसपास साफ-सफाई दुरुस्त रहे। साथ ही उन्होंने अमन-चैन और गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि रमजान मुहब्बत, सब्र और भाईचारे का पैगाम देता है। रमजान की आमद को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो चुकी हैं। मस्जिदों में साफ-सफाई, रोशनी और तरावीह की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। चांद का दीदार होते ही पूरे शहर में पहले रोजे और तरावीह का आगाज़ हो जाएगा।