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क्रिटिकल केयर अस्पताल के लिए भूमि नहीं मिली तो भड़की ‘आप’, कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन, रखीं ये मांगें

क्रिटिकल केयर अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर बुधवार को आम आदमी पार्टी ने कलक्ट्रेट गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया।

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बरेली। क्रिटिकल केयर अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर बुधवार को आम आदमी पार्टी ने कलक्ट्रेट गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व सुरेंद्र कुमार (विधायक, गोकलपुर, दिल्ली) ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और डीएम को ज्ञापन देने की मांग पर गेट पर ही धरने पर बैठ गए। अधिकारियों ने डीएम के कोर्ट में होने की जानकारी दी, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपर नगर मजिस्ट्रेट विजय सिंह को ज्ञापन सौंपा।

2021 से उठ रही मांग, 2026 में हाथ से निकला मौका

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2021 से बरेली में क्रिटिकल केयर अस्पताल के लिए भूमि की मांग की जा रही थी। कमिश्नर स्तर पर स्वीकृति मिलने के बावजूद प्रशासन उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं करा सका, जिसके चलते वर्ष 2026 में यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना बरेली से छिन गई। उनका कहना है कि यह मामला सीधे जनहित और शहर की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ा है, लेकिन प्रशासन की सुस्ती से जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

‘व्यापारिक परियोजनाओं को जमीन, अस्पताल को इंतजार क्यों?’

आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि जहां व्यावसायिक और निजी परियोजनाओं के लिए कम समय में बड़ी-बड़ी जमीनें चिन्हित कर ली जाती हैं, वहीं जनसेवा से जुड़े अति आवश्यक संस्थान—जैसे क्रिटिकल केयर अस्पताल—के लिए जमीन क्यों नहीं मिल पाती। तिरंगा शाखा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष जनक प्रसाद ने कहा कि डोहरा रोड क्षेत्र में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। उन्होंने दावा किया कि जिन भूखंडों की कीमत पहले 5,000 से 7,000 रुपये प्रति वर्ग गज थी, वही अब 35,000 से 70,000 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच चुकी है, जिससे साफ है कि जहां व्यावसायिक लाभ की संभावना होती है, वहां तेजी दिखाई जाती है।

एम्स जैसे संस्थान की भी उठी मांग

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बरेली जैसे बड़े शहर को अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर अस्पताल की तत्काल जरूरत है। भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए यहां एम्स जैसे उच्च स्तरीय संस्थान की स्थापना की भी योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द भूमि चिन्हित कर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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