कैंट क्षेत्र के मोहनपुर ठिरिया गांव की रहने वाली एक महिला ने अपनी ही बहन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। प्रकरण में सिविल कोर्ट ने कथित हिबा तहरीर को अवैध और शून्य घोषित कर दिया है। इस मामले में पीड़िता ने कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बरेली। कैंट क्षेत्र के मोहनपुर ठिरिया गांव की रहने वाली एक महिला ने अपनी ही बहन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। प्रकरण में सिविल कोर्ट ने कथित हिबा तहरीर को अवैध और शून्य घोषित कर दिया है। इस मामले में पीड़िता ने कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पीड़िता सितवत परवीन का कहना है कि उन्होंने 2009 में धनीराम पुत्र बुद्धी से जमीन खरीदी थी। तब से वह जमीन की वैध मालिक हैं। लेकिन राजेन्द्र नगर निवासी उनकी बहन नसरीन बेगम ने मौखिक दान (हिबा जुबानी) के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर जमीन पर अपना दावा ठोंक दिया।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि नसरीन ने उस फर्जी दस्तावेज के आधार पर 2 मार्च 2023 को एक पंजीकृत दानपत्र अपने बेटे ऐजाज आलम के नाम करा दिया। सितवत परवीन ने इस मामले में सिविल न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया था। 18 मार्च 2025 को आए फैसले में अदालत ने हिबा तहरीर को अवैध करार देते हुए खारिज कर दिया।
कोर्ट के फैसले के बावजूद नसरीन बेगम और ऐजाज आलम जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़िता ने इस मामले में कैंट थाने में तहरीर देकर सगी बहन और भांजे पर एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी और कूटरचना के जरिए जमीन हड़पने की साजिश रची जा रही है। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच शुरु कर दी है।