
बरेली। कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले बेकरी संचालक आगाज की आत्महत्या के मामले ने सनसनी फैला दी है। परिजनों ने आत्महत्या के लिए एक संगठित गिरोह को जिम्मेदार ठहराते हुए कई लोगों के खिलाफ संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपितों ने पहले प्रेमजाल में फंसाया, फिर रेप केस में फंसाने की धमकी देकर लाखों की वसूली की और आखिर में जान देने के लिए मजबूर कर दिया।
मृतक के भाई द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, आगाज का प्रेमनगर के मोहल्ला कोहाड़ापीर स्थित बेकरी की दुकान थी और वह अच्छा कमाता था। आरोप है कि फरहीन पत्नी रिजवान तथा उसके साथी रिजवान, इमरान, सायमा, मोहसिन, सलमान और कामरान ने एक सुनियोजित साजिश के तहत उसे फंसाया।
परिजनों के अनुसार, गिरोह ने फरहीन के जरिए आगाज को अपने प्रेमजाल में फंसा कर झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी दी। इसके एवज में पहले 5 लाख रुपये और सोने के जेवरात हड़प लिए। बाद में 2 लाख रुपये की और मांग की गई। पैसे नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। आगाज़ ने जब इन परेशानियों के बारे में अपनी माँ को बताया और माँ ने जब आरोपित रिजवान से बात कर समझाने की कोशिश की, तो उसने माँ के साथ भी गाली-गलौज की। इसके बाद आगाज़ का मानसिक संतुलन और बिगड़ गया।
तहरीर के मुताबिक, आरोपियों ने आगाज़ को कहा कि जब तेरे पास कुछ देने को नहीं है तो तेरे जीने का क्या फायदा, फांसी लगा ले। इस बात ने आगाज को भीतर तक तोड़ दिया और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। शनिवार आगाज ने अपने भाई को परेशानी बताई थी, लेकिन उससे पहले ही मानसिक रूप से टूट चुका आगाज उसी दिन रात करीब 8 बजे अपने मित्र जीशान के ग्रैंड सिटी होटल, स्टेशन रोड स्थित कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
परिवार ने आरोप लगाया कि फरहीन, रिजवान, सायमा, मोहसिन ने ब्लैकमेलिंग व मानसिक उत्पीड़न किया जबकि सलमान व कामरान ने आत्महत्या के लिए साधन उपलब्ध कराए। परिजनों ने इस मामले में कोतवाली में तहरीर देकर गिरोह के 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।