
बरेली। धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहा मीरगंज के लोहा कारीबारी बारादरी पुलिस की मदद से गिरफ्तार हो गया। जमशेदपुर में उसके खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं। झारखंड की जमशेदपुर पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर साथ ले गई। बारादरी पुलिस की मदद से उसकी डोहरा रोड स्थित अपार्टमेंट से गिरफ्तारी हुई।
बरेली मीरगंज के रत्नापुरी निवासी सरिया कारोबारी अंशुल गुप्ता पर धोखाधड़ी मामले में जमशेदपुर निवासी कारोबारी राजेश कुमार चौधरी ने अगस्त 2021 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि अंशुल गुप्ता ने राजेश कुमार से सरिया मंगाई थी, अंशुल गुप्ता ने फर्जीवाड़ा कर सरियों से भरा ट्रक ही गायब कर दिया।
इन लोगों पर हुई थी एफआईआर
धोखाधड़ी के मामले में उन्होंने अंशुल गुप्ता, ठिरिया निजावत खां के इकरार अली, रजऊ फरीपुर के रविंद्र कुमार, रायपुर छत्तीसगढ़ के आलोकदास और पीलीभीत बाईपास पर पशुपति विहार के विजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
बता दें, कोर्ट में चार्जशीट के बाद अंशुल गुप्ता का गैर जमानती वारंट जारी हो गया था। गिरफ्तारी को लेकर मंगलवार को साकची थाने के सब इंस्पेक्टर अभिनव कुमार बरेली पहुंचे। बरादरी पुलिस की मदद से रुद्राक्ष अपार्टमेंट से अंशुल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया और उसे झारखंड की जमशेदपुर पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर साथ ले गई। इधर, जैसे ही अंशुल गुप्ता की गिरफ्तारी हुई तो उसके करीबियों ने अपहरण का शोर मचा दिया। बारादरी पुलिस ने देर समझाने के बाद मामला निपटाया। अंशुल गुप्ता पर धोखाधड़ी कर तीन करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है। अंशुल गुप्ता पर चार मुकदमे दर्ज हैं।