बरेली में बीते शनिवार को बिल्डर और मार्बल कारोबारी के गुर्गों के बीच सड़क पर अंधाधुंध फायरिंग हुई थी, बीच शहर इस फायरिंग से हड़कंप मच गया और प्रशासन पर उंगली उठने लगी। पूरा वाकया करीब आधे घंटे तक चला। मामला बीते शनिवार सुबह इज्जतनगर पीलीभीत बाईपास रोड का था। घटना के बाद एसएसपी ने इंस्पेक्टर समेत 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया था।
बरेली में प्लॉट के विवाद में 22 जून को अंधाधुंध फायरिंग हुई। शनिवार रात इज्जतनगर पुलिस और फायरिंग करने वालों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें दो बदमाशों को गोली लगी है। रात में नहर की पटरी से अड्डापुरा को जाने वाली रोड पर इन दोनों ने चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों को कार से कुचलने की कोशिश की। उन पर फायरिंग की।
फिर पुलिस से घिरता देख दोनों जंगल की ओर भागे। पुलिस ने जंगल में दौड़ाकर गोली मारी, गोली दोनों के पैर में लगी और वह गिर गए। फिर पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। घायल बदमाश कृष्णपाल उर्फ केपी यादव थाना हाफिजगंज और सुभाष लोधी अटारिया सीबीगंज का रहने वाला है। पुलिस की तरफ से दर्ज मुकदमे में केपी यादव फरार था, जबकि जांच में सुभाष लोधी का नाम सामने आया था। केपी यादव पर पहले से 14 मुकदमे दर्ज हैं।
CO थर्ड अनीता चौहान और इंस्पेक्टर इज्जतनगर राधेश्याम की मौजूदगी में पुलिस ने घेराबंदी की। घायल बदमाशों को जिला अस्पताल ले जाया गया है। इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया- घटना के दिन सभासद केपी यादव और सुभाष लोधी ने भी फायरिंग की थी। डिवाइडर की आड़ में फायरिंग करने वाला सभासद केपी यादव है। जो वीडियो में फायर करता दिख रहा था। जिस पर अलग-अलग थानों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। बदमाशों के पास से 2 तमंचा, कारतूस और बिना नंबर की स्विफ्ट कार बरामद हुई है।