बरेली

टॉप-10 की जंग में उतरा बरेली, 15 अप्रैल के बाद कभी भी आ सकती है स्वच्छ सर्वेक्षण टीम, निगम ने कसी कमर

स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर शहर में हलचल तेज हो गई है। नगर निगम इस बार देश के टॉप-10 शहरों में जगह बनाने के मिशन के साथ जमीनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है।

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Apr 12, 2026

बरेली। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर शहर में हलचल तेज हो गई है। नगर निगम इस बार देश के टॉप-10 शहरों में जगह बनाने के मिशन के साथ जमीनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। 15 अप्रैल के बाद कभी भी सर्वेक्षण टीम के आने की संभावना को देखते हुए हर विभाग अलर्ट मोड में है। पिछले साल तकनीकी खामियों और कमजोर सिटीजन फीडबैक से रैंकिंग प्रभावित हुई थी, जिसे सुधारने के लिए इस बार रणनीति पूरी तरह बदली गई है।

नगर निगम के एक्सईएन राजीव राठी के मुताबिक इस बार मुख्य फोकस कचरा प्रबंधन, स्रोत पर ही गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई पर है। सर्वेक्षण टीम यह भी जांचेगी कि लोग घरों में कचरा अलग-अलग कर रहे हैं या नहीं। इसके साथ ही डंपिंग यार्ड के प्रबंधन और कचरे से खाद या ऊर्जा बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों का भी आकलन होगा। हालांकि, संकरी गलियों में नियमित सफाई और नालों की स्वच्छता अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। पुराने शहर के इलाकों में कचरा उठान की निरंतरता बनाए रखना और खुले में कचरा फेंकने वाले हॉटस्पॉट खत्म करना निगम की प्राथमिकता में शामिल है।

सिटीजन फीडबैक सुधारने पर जोर

इस बार नगर निगम सिटीजन फीडबैक को लेकर विशेष अभियान चला रहा है। निगम का मानना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद जनता की कमजोर प्रतिक्रिया रैंकिंग गिरा देती है। इसी को देखते हुए वार्ड स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। शहर की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग के जरिए स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है, वहीं टीम घर-घर जाकर लोगों को खुले में कूड़ा न फेंकने के लिए प्रेरित कर रही है। साथ ही सड़कों और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाकर वहां गमले रखे जा रहे हैं ताकि शहर की सुंदरता भी बढ़े। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में बरेली को कई बिंदुओं पर कमजोर पाया गया था। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं थी, गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण नहीं हो रहा था और सार्वजनिक शौचालयों का रख-रखाव भी संतोषजनक नहीं था। इसके अलावा बरेली 311 एप पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में देरी भी एक बड़ी खामी रही। इन सभी कमियों को इस बार दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

समाधान पर तेजी से काम

निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए वाहनों की संख्या बढ़ा दी है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। कचरा गाड़ियों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग इकट्ठा किया जा रहा है। सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति सुधारने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। साथ ही निगम के एप पर आने वाली शिकायतों का तेजी से निस्तारण किया जा रहा है ताकि नागरिक संतुष्टि बढ़ाई जा सके। बरेली ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। वर्ष 2019 में 117वें स्थान पर रहा शहर 2024 में 20वें स्थान तक पहुंच गया। अब निगम और जनता के बेहतर तालमेल के दम पर इस बार टॉप-10 में जगह बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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