भारत मंडपम (प्रगति मैदान) में आयोजित वैश्विक एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कथित अमर्यादित प्रदर्शन और देश विरोधी नारेबाजी के विरोध में शनिवार को बरेली में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा।
बरेली। भारत मंडपम (प्रगति मैदान) में आयोजित वैश्विक एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कथित अमर्यादित प्रदर्शन और देश विरोधी नारेबाजी के विरोध में शनिवार को बरेली में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों कार्यकर्ता कलक्ट्रेट गेट पर एकत्र हुए और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व भाजयुमो के जिलाध्यक्ष मुकेश राजपूत और महानगर अध्यक्ष अमन सक्सेना ने किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह की राजनीति देश की छवि को नुकसान पहुंचाती है।
भाजयुमो कार्यकर्ता दोपहर में कलक्ट्रेट पहुंचे और धरना-प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारे लगाए। उन्होंने कहा कि वैश्विक एआई समिट जैसे प्रतिष्ठित कार्यक्रम में विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया प्रदर्शन न केवल असंवैधानिक है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख को भी प्रभावित करने वाला है। जिलाध्यक्ष मुकेश राजपूत ने कहा कि देश जब तकनीकी क्षेत्र में विश्व नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब इस प्रकार के कृत्य राष्ट्रहित के खिलाफ हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे किसी भी देशविरोधी आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन के बाद भाजयुमो पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महानगर अध्यक्ष अमन सक्सेना ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय कार्यक्रमों में अशोभनीय व्यवहार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत न कर सके।
प्रदर्शन के दौरान कलक्ट्रेट परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा गया। हालांकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बाद में कार्यकर्ता वहां से लौट गए। भाजयुमो के इस विरोध प्रदर्शन के बाद शहर की सियासत में हलचल बढ़ गई है। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हैं और आने वाले दिनों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।