
Sawan 2026: सावन महीने की शुरुआत और कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार तथा प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को बरेली के सर्किट हाउस में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने BJP नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सावन महीने के दौरान बरेली में मांस और मछली की दुकानें बंद रहेंगी। मंत्री धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि पिछले साल की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों का स्वागत हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
धर्मपाल सिंह ने बताया कि इस बार बरेली में करीब 7,000 कांवड़ जत्थे पहुंचेंगे। प्रत्येक जत्थे के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यदि बरेली के कांवड़ियों को किसी दूसरे जिले में कोई परेशानी होती है तो वे बरेली पुलिस से संपर्क कर सकेंगे और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में कांवड़ मार्गों की खराब स्थिति का भी मुद्दा उठा। मंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 जुलाई से पहले सभी टूटे-फूटे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों की मरम्मत पूरी कर ली जाए, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंत्री ने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फुट तय की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा के दौरान कांवड़ बिजली के तारों के संपर्क में न आए। बिजली विभाग को भी सभी झूलते तारों को समय रहते ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सोशल मीडिया की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया है, ताकि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बरेली का माहौल प्रभावित न हो।
बैठक के दौरान मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि वर्तमान में कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की जाती है, जबकि वर्ष 2017 से पहले कांवड़ियों पर लाठियां चलाई जाती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय डीजे बजाने की अनुमति नहीं मिलती थी और अन्य स्थानों पर जाने के लिए भी पुलिस से अनुमति लेनी पड़ती थी।