गरीबों को बांटे जाने वाले अनाजों में कोटेदारों ने धांधलेबाजी कर दी। कोटेदारों ने गरीबों को खराब गेहूं-चावल बांट दिए।
बरेली। गरीबों को बांटे जाने वाले अनाजों में कोटेदारों ने धांधलेबाजी कर दी। कोटेदारों ने गरीबों को खराब गेहूं-चावल बांट दिए। जब एफएसडीए ने नमूने लेकर इसकी जांच की तो कोटेदारों का खेल सामने आ गया। धांधली करने वाले कोटेदारों के खिलाफ एसीजेएम और एडीएम सिटी की कोर्ट में केस दायर हो गया है।
बता दें, गरीबों को निशुल्क मिलने वाले गेहूं-चावल की गुणवत्ता को लेकर कई बार शिकायत प्रशासन को मिली। एफएसडीए ने अभियान चलाकर कोटेदारों के यहां धावा बोल दिया। खाद्यान के नमूने भरने के बाद जांच की गई तो वह फेल हो गए।
इन कोटेदारों के यहां बोला धावा
एफएसडीए की टीम ने गंगापुर की कोटेदार ज्योति, प्रेम नगर के सुशील खंडेलवाल और सीबीगंज इलाके के खड़ौआ गांव के कोटेदार हरीश गुप्ता के यहां से गेहूं के नमूने लिए थे। किला क्षेत्र के कोटेदार अंतरिक्ष के यहां से चावल का नमूना लिया। चारों के नमूने में जांच करने के बाद गड़बड़ी पाई गई।
नमूने में कीड़े तो किसी में मिली खतरनाक साम्रगी
नमूने की जांच में सुशील के यहां से लिए गए गेंहूं के सैंपल को अनसेफ बताया। गेहूं में कूड़ा के साथ ही खतरनाक साम्रमी और कीड़े मिले। अंतरिक्ष के यहां से लिए गए नमूने में अधोमानक पाए गए। चारों के खिलाफ एसीजेएम और एडीएम सिटी की कोर्ट में केस दायर किया है।