शहर में आवारा कुत्तों का आतंक अब जानलेवा होता जा रहा है। कर्मचारी नगर क्षेत्र में बुधवार तड़के एक दिल दहला देने वाली घटना में कुत्तों के झुंड से बचने की कोशिश कर रहीं 65 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका की बाइक से गिरकर मौत हो गई।
बरेली। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक अब जानलेवा होता जा रहा है। कर्मचारी नगर क्षेत्र में बुधवार तड़के एक दिल दहला देने वाली घटना में कुत्तों के झुंड से बचने की कोशिश कर रहीं 65 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका की बाइक से गिरकर मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में गुस्से का उबाल फूट पड़ा और लोगों ने नगर निगम की लापरवाही के खिलाफ जमकर हंगामा किया।
वीर सावरकर फेस-2 निवासी महेश चंद्र की पत्नी मंजू सक्सेना (65) हाल ही में बेसिक शिक्षा विभाग से रिटायर हुई थीं। बुधवार सुबह वह अपने बेटे शानू के साथ बाइक से कर्मचारी नगर स्थित केसर वाटिका में अपने दामाद शुभम सक्सेना के घर जा रही थीं। जैसे ही बाइक ऑफिसर्स एन्क्लेव विस्तार कॉलोनी में राहुल प्रोविजन स्टोर के पास पहुंची, तभी अचानक कुत्तों का झुंड उनके पीछे दौड़ पड़ा। घबराहट में बाइक का संतुलन बिगड़ा और मंजू सक्सेना सड़क पर सिर के बल गिर पड़ीं।
हादसे में मंजू सक्सेना के सिर में गंभीर चोट आई और अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। परिजन आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतका की समधिन शशि रायजादा ने बताया कि मंजू सक्सेना को इलाज के लिए दिल्ली जाना था, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में आवारा कुत्तों को काबू करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। परसाखेड़ा के नदौसी में 1.81 करोड़ की लागत से बना एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर एक साल से ज्यादा समय से सिर्फ कागजों में चल रहा है। 200 कुत्तों को रखने की क्षमता वाले इस सेंटर में अब तक एक भी कुत्ता नहीं रखा गया। फर्म का चयन होने के बावजूद कार्रवाई ठंडे बस्ते में है।
घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने नगर निगम के खिलाफ जमकर हंगामा किया। उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद आवारा कुत्तों की समस्या पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने मामले में जांच कराने की बात कही है।