बरेली बवाल मामले में पुलिस के लिए अहम गवाह को खत्म करने की साजिश आखिरकार सामने आ गई है। बारादरी पुलिस ने कॉन्ट्रैक्ट पर हत्या करने वाले शातिर बदमाश फुरकान को दबोच लिया है।
बरेली। बरेली बवाल मामले में पुलिस के लिए अहम गवाह को खत्म करने की साजिश आखिरकार सामने आ गई है। बारादरी पुलिस ने कॉन्ट्रैक्ट पर हत्या करने वाले शातिर बदमाश फुरकान को दबोच लिया है। उसके पास से तमंचा, जिंदा कारतूस और सुपारी के तौर पर मिले 20 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी से पूरे शहर में हलचल मच गई है।
एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान और सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में इस मले का खुलासा किया। पुराना शहर चक महमूद निवासी मो. फिरदौस खां उर्फ अजुम ने पुलिस को बताया था कि 26 सितंबर 2025 को हुए बरेली बवाल के दौरान उन्होंने दंगाइयों की पहचान कर पुलिस और प्रशासन की मदद की थी। इसी बात से नाराज कुछ लोग उनसे रंजिश रखने लगे। 18 दिसंबर को उन्हें चमगादड़ वाले बाग में घेरकर खुलेआम धमकी दी गई—10 लाख रुपये दो, नहीं तो जान से हाथ धो बैठोगे।
कुछ दिन बाद फिरदौस को जानकारी मिली कि उनकी हत्या की सुपारी पीलीभीत के कुख्यात बदमाश फुरकान को 5 लाख रुपये में दे दी गई है। इसके बाद अनजान नंबरों से कॉल आने लगे। पूरा परिवार दहशत में आ गया और आखिरकार पुलिस से गुहार लगाई गई। मामला दर्ज होते ही बारादरी पुलिस हरकत में आई और शनिवार की देर रात नकटिया इलाके से आरोपी फुरकान को गिरफ्तार कर लिया। वह कैंट क्षेत्र में किराए के कमरे में रहकर मारिया फ्रोजन मीट फैक्ट्री के पास चाय का खोखा चलाता था और वहीं से गवाह की रेकी कर रहा था। पुलिस ने पत्नी की मौजूदगी में कमरे की तलाशी ली तो एक थैले से तमंचा, दो जिंदा कारतूस और नकदी बरामद हुई।
पूछताछ में फुरकान ने कबूला कि जेल में उसकी पहचान आईएमसी से जुड़े कुछ नेताओं से हुई थी। वहीं से गवाह को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। आरोपी ने यह भी बताया कि जेल में बंद लोगों के इशारे पर ही उसे काम सौंपा गया था। पुलिस के मुताबिक फुरकान कोई नया नाम नहीं है। उस पर पीलीभीत और बरेली के अलग-अलग थानों में लूट, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत करीब एक दर्जन संगीन मुकदमे दर्ज हैं।