
बरेली। दुकान पर शराब बिकती रही, गल्ले में रुपये आते रहे, लेकिन जब हिसाब मिलाया गया तो पांच लाख रुपये से ज्यादा का अंतर निकल आया। स्टॉक में रखी शराब की पेटियां भी खाली मिलीं। मामला श्यामगंज स्थित देशी शराब की दुकान का है, जहां लाइसेंसधारी ने अपने दो सेल्समैन और एक सेल्समैन के पिता पर 5.02 लाख रुपये के माल और बिक्री की रकम में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। दुकानदार का कहना है कि शिकायत लेकर पुलिस के चक्कर काटे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अब अदालत के आदेश पर बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मीरगंज के गांव गहवरा निवासी ओमप्रकाश श्यामगंज की देशी शराब की दुकान के लाइसेंसधारी हैं। उनके मुताबिक, चकमहमूद पुराना शहर निवासी अरुण गंगवार और नितिन दिवाकर दुकान पर सेल्समैन थे। 18 मई 2026 की शाम करीब आठ बजे ओमप्रकाश का बेटा रवि भास्कर बिक्री की रकम लेने दुकान पर पहुंचा। वहां नितिन के पिता श्यामपाल रुपये गिन रहे थे। रवि ने उनसे रकम के बारे में पूछा तो आरोप है कि श्यामपाल रुपये लेकर चले गए। उनके जाने के बाद दोनों सेल्समैन भी दुकान से गायब हो गए।
बेटे की सूचना पर ओमप्रकाश दुकान पहुंचे और स्टॉक चेक किया। आरोप है कि शराब की पेटियां खाली पड़ी थीं। इसके बाद दुकान के रजिस्टर से बिक्री का हिसाब मिलाया गया तो गड़बड़ी सामने आ गई। दुकानदार के मुताबिक, गल्ले में सिर्फ 42,120 रुपये मिले, जबकि हिसाब में 5,02,220 रुपये कम निकले। ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि तीनों ने मिलकर शराब का माल गायब किया और बिक्री की रकम हड़प ली। उनका दावा है कि स्टॉक की स्थिति का वीडियो सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल में रिकॉर्ड है।
ओमप्रकाश के मुताबिक, घटना के बाद दुकान के बाहर दो मोटरसाइकिलें मिलीं, जिन्हें पुलिस चौकी इंचार्ज की सुपुर्दगी में दे दिया गया। उन्होंने पुलिस को सूचना देकर शिकायत भी की। काफी समय तक कार्रवाई नहीं हुई तो अधिकारियों से गुहार लगाई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाद में चौकी पर पूछताछ के दौरान नितिन दिवाकर और उसके पिता श्यामपाल ने गलती स्वीकार करते हुए 3.30 लाख रुपये वापस कर दिए। बाकी 1,72,220 रुपये के बारे में उन्होंने अरुण गंगवार के पास होने की बात कही। दुकानदार का आरोप है कि अरुण ने बाकी रकम नहीं लौटाई।
दुकानदार का कहना है कि उसने कई बार पुलिस से शिकायत की। 24 सितंबर को थाना बारादरी और उच्चाधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक से भी प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ओमप्रकाश ने अदालत में अर्जी दी। अब कोर्ट के आदेश पर बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।