तकनीकी युग में हाईवे भी अब स्मार्ट होने जा रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बरेली-सीतापुर नेशनल हाईवे पर एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाने की शुरुआत कर दी है। इन कैमरों के जरिए ओवरस्पीड, रांग साइड राइडिंग और दुर्घटनाओं पर तत्काल डिजिटल अलर्ट मिलेगा।
बरेली। तकनीकी युग में हाईवे भी अब स्मार्ट होने जा रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बरेली-सीतापुर नेशनल हाईवे पर एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाने की शुरुआत कर दी है। इन कैमरों के जरिए ओवरस्पीड, रांग साइड राइडिंग और दुर्घटनाओं पर तत्काल डिजिटल अलर्ट मिलेगा।
एनएचएआइ परियोजना निदेशक नवरत्न के अनुसार हाईवे पर जैसे ही कोई वाहन तेज रफ्तार से गुजरेगा या रांग साइड आता दिखेगा, कंट्रोल रूम में लाल बत्ती जल उठेगी। इसके साथ ही मोबाइल टीम को तत्काल सूचना भेजी जाएगी। टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी और जरूरत पड़ने पर चालान भी किया जाएगा। दुर्घटना की स्थिति में राहत व बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जाएगा।
बरेली से सीतापुर तक करीब 157 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को फोरलेन में परिवर्तित किया जा चुका है। अब शासन स्तर पर इसे सिक्सलेन बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है। मुरादाबाद-बरेली खंड के सिक्सलेन टेंडर निकल चुके हैं और नवदिया झाड़ा पर सिक्सलेन फ्लाइओवर निर्माण इसी योजना का हिस्सा माना जा रहा है।
हाईवे पर एक से दो किलोमीटर के अंतराल पर सामान्य कैमरे लगाए जा रहे हैं। शहरों, कस्बों और प्रमुख चौराहों पर प्राथमिकता के आधार पर कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं। संवेदनशील स्थानों पर अत्याधुनिक एआइ आधारित विशेष कैमरे लगेंगे, जो तीन बिंदुओं ओवरस्पीड, रांग साइड ड्राइविंग और दुर्घटना पर फोकस करेंगे।
कुछ प्रमुख स्थानों पर वैरिएबल मैसेज साइनबोर्ड (वीएमएस) भी लगाए जाएंगे। कंट्रोल रूम से इन बोर्डों पर आगे के ट्रैफिक, जाम, निर्माण कार्य या किसी अवरोध की सूचना प्रसारित होती रहेगी। इससे यात्रियों को पहले ही सावधान किया जा सकेगा। परियोजना निदेशक नवरत्न ने बताया कि हाईवे को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। एआइ कैमरों से न केवल ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि दुर्घटना दर में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।