
बरेली। करगैना में आधी रात के बाद हुए गोलीकांड में पीलीभीत में तैनात हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र राजपूत के बहनोई जोगेंद्र लोधी की सीने में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पत्नी का दावा है कि बदमाश 68 हजार रुपये से भरा थैला लूट ले गए, लेकिन घटनास्थल और हालात कुछ और कहानी बयां कर रहे हैं। हत्या के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने लापरवाही पर करगैना चौकी प्रभारी पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी है।
घटना शुक्रवार रात करीब एक बजे की है। 40 वर्षीय जोगेंद्र पत्नी अनीता के साथ बरामदे में सो रहे थे, जबकि बच्चे भीतर कमरे में थे। पालतू कुत्ते के भौंकने पर दोनों की आंख खुली। छत पर आहट सुनकर वे जीने की ओर बढ़े। तभी छत से उतर रहे दो बदमाशों में से एक ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली जोगेंद्र के सीने में लगी और वह मौके पर गिर पड़े। पत्नी भी सीढ़ियों से लुढ़क गईं। बदमाश खूंटी पर टंगा थैला लेकर फरार हो गए।
पत्नी अनीता का कहना है कि थैले में 68 हजार रुपये थे, जो मजदूरों के भुगतान के लिए रखे गए थे। यह रकम उनके भाई, पीलीभीत कोतवाली में पीआरवी पर तैनात हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र ने दी थी। लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ लूट के लिए इस तरह सीने पर सीधी गोली मारना कई सवाल खड़े करता है।
आसपास की स्थिति, प्रवेश का तरीका और पारिवारिक परिस्थितियां संकेत देती हैं कि मामला सामान्य लूट से आगे भी हो सकता है।
जोगेंद्र मूल रूप से आंवला क्षेत्र के तिगरा खानपुर गांव के रहने वाले थे। आर्थिक तंगी में गांव की जमीन गिरवी रखकर उन्होंने शहर में मकान बनवाया। हाल ही में परिवार को गांव से शहर शिफ्ट किया था। करीबी सूत्र बताते हैं कि जमीन गिरवी रखने और संपत्ति के लेन-देन को लेकर रिश्तों में खिंचाव की चर्चा पहले से थी। पुलिस अब प्रॉपर्टी विवाद और पारिवारिक तनाव के एंगल से भी जांच कर रही है।
हत्या की खबर सुनते ही 17 वर्षीय बेटी नीलम सुबह की पाली का हाईस्कूल पेपर छोड़कर बदहवास हालत में शहर पहुंची। 14 वर्षीय अरुण, 12 वर्षीय भूपेंद्र और आठ साल की मधु पिता की लाश के पास फूट-फूटकर रोते रहे। पत्नी अनीता बार-बार बेसुध होती रहीं।
एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारीक, सीओ सिटी टू और फॉरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया। एसओजी और डॉग स्क्वॉड ने साक्ष्य जुटाए।
रात्रि गश्त में लापरवाही पर करगैना चौकी प्रभारी पवन कुमार को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
पत्नी की तहरीर पर लूट और हत्या का मुकदमा दर्ज कर तीन टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया लूट की बात सामने आई है, लेकिन जांच सभी पहलुओं—प्रॉपर्टी विवाद, नजदीकी रिश्तों और आपसी रंजिश—पर की जा रही है।
सवाल अभी बाकी है—क्या यह सीधी लूट थी या इस गोलीकांड के पीछे कोई गहरा राज छिपा है? पुलिस का दावा है, जल्द पर्दा उठेगा।
Published on:
22 Feb 2026 01:47 pm
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