22 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

माडल टाउन का सट्टेबाज गिरफ्तार‘गौरव’बनकर ‘जय’नौ साल तक देता रहा पुलिस को चकमा, निकला डबल वारंट

माडल टाउन का शातिर सट्टेबाज अपना नाम बदलकर नौ साल तक पुलिस को चकमा देता रहा। कोर्ट से डबल वारंट जारी होने के बाद रविवार को बारादरी पुलिस ने माडल टाउन के शहदाना कालोनी के रहने वाले जुआरी गौरव आहूजा उर्फ जय आहूजा को गिरफ्तार कर लिया।

2 min read
Google source verification

बरेली। माडल टाउन का शातिर सट्टेबाज अपना नाम बदलकर नौ साल तक पुलिस को चकमा देता रहा। कोर्ट से डबल वारंट जारी होने के बाद रविवार को बारादरी पुलिस ने माडल टाउन के शहदाना कालोनी के रहने वाले जुआरी गौरव आहूजा उर्फ जय आहूजा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी माडल स्टेडियम रोड पर गेट के पास मोबाइल शाप चलाता है। आरोपी बारादरी थाने के लाकअप में बंद है। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जायेगा।

आईपीएल की सट्टेबाजी में लिखा गया था मुकदमा

बारादरी थाना पुलिस रिकॉर्ड में गौरव आहूजा नाम है लेकिन असल जिंदगी में उसने अपना नाम जय रख लिया। वह खुद को जय आहूजा बताता रहा। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी ने अपनी पहचान ही बदल डाली। जब-जब पुलिस वारंट लेकर घर पहुंची, वह नए नाम के सहारे खुद को बेकसूर बताकर पल्ला झाड़ता रहा। पुलिस उसका नया पता खोजती रही। पुलिस के पास गिरफ्तारी के दौरान का फोटो न होने के कारण वह नाक के नीचे अपनी मोबाइल की दुकान चलाता रहा। करीब नौ साल तक यह खेल चलता रहा। पुलिस दस्तक देती रही लेकिन हर बार बदले नाम की वजह से वह बचता रहा।

नए नाम से बना लिया था आधार कार्ड

मामला तब और गंभीर हो गया जब जांच में सामने आया कि आरोपी ने बदले हुए नाम से आधार कार्ड तक तैयार करा लिया था। यानी फर्जी पहचान को कानूनी दस्तावेज का रूप देकर वह जांच एजेंसियों को गुमराह करता रहा। थाना प्रभारी बारादरी धनंजय पांडे ने बताया कि आरोपी की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। शक गहराने पर पुलिस ने अलग-अलग स्रोतों से जानकारी जुटाई। क्रॉस-वेरिफिकेशन में साफ हुआ कि गौरव आहूजा और जय आहूजा एक ही शख्स हैं। वारंट आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है। आरोपी हिरासत में है। उसे जेल भेजा जा रहा है।

डबल नाम से जारी हुआ वारंट

सभी तथ्य जुटाने के बाद पुलिस ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-1 में पूरे साक्ष्य पेश किए। 17 फरवरी को कोर्ट ने गौरव आहूजा उर्फ जय आहूजा के नाम से वारंट जारी कर दिया। वारंट तामील कराने की जिम्मेदारी दरोगा जितेंद्र कुमार को सौंपी गई। शुरुआती कोशिश में सफलता नहीं मिली, लेकिन जैसे ही आरोपी को भनक लगी कि पुलिस ने दोहरे नाम से वारंट जारी करा लिया है, उसकी पहचान की ढाल टूट गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही बारादरी पुलिस ने ठिकाने पर दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। करीब एक दशक तक नाम की ओट लेकर बचता रहा आरोपी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

अब खुलेगा पुराना पूरा केस

पुलिस का कहना है कि लंबे समय से लंबित इस जुआ और आईटी एक्ट मामले को अब तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। पहचान छिपाने और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। बारादरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून से बचने के लिए किसी भी तरह की पहचान बदलना बड़ा अपराध है। ऐसे मामलों में अब सख्ती बरती जाएगी।

बड़ी खबरें

View All

बरेली

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग