बरेली

बरेली में तैयार होगा आधुनिक मीडिया हब, बीडीए बनाएगा 2.5 करोड़ से हाईटेक टावर, शहर को मिलेगा नया डिजिटल सरप्राइज

शहर को वैश्विक पहचान दिलाने के दावों के बीच बीडीए ने एक और महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान कर दिया है। कोयंबटूर की तर्ज पर रामगंगानगर आवासीय योजना के सेक्टर-सात में 11 मीटर ऊंचा अत्याधुनिक मीडिया टावर बनाया जाएगा। करीब 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह टावर प्रदेश का पहला मीडिया टावर होगा।

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Feb 05, 2026

बरेली। शहर को वैश्विक पहचान दिलाने के दावों के बीच बीडीए ने एक और महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान कर दिया है। कोयंबटूर की तर्ज पर रामगंगानगर आवासीय योजना के सेक्टर-सात में 11 मीटर ऊंचा अत्याधुनिक मीडिया टावर बनाया जाएगा। करीब 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह टावर प्रदेश का पहला मीडिया टावर होगा।

बीडीए उपाध्यक्ष डॉ ए मनिकंडन ने बताया कि टावर में आठ मीटर का विशाल डिस्प्ले एरिया होगा और इसमें 5,000 से अधिक एलईडी लगाई जाएंगी, जो लाखों रंगों के साथ फ्लिकर इफेक्ट में रात के समय आकर्षक दृश्य प्रस्तुत करेंगी। दावा है कि इसकी ढलान वाली स्क्रीन सिंगापुर के मशहूर गार्डन बाय द वे पार्क की तर्ज पर तैयार की जाएगी।

सरकारी योजनाओं का प्रचार या विज्ञापन का अड्डा

बीडीए का कहना है कि इस टावर का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे जनता तक पहुंचाना है। इसके साथ ही स्क्रीन पर विज्ञापन भी प्रसारित किए जाएंगे। अधिकारियों को उम्मीद है कि विज्ञापनों से राजस्व अर्जित होगा। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि क्या यह टावर सरकारी प्रचार और व्यावसायिक विज्ञापनों का नया मंच बनकर रह जाएगा।

इन्फोटेनमेंट हब बनाने की तैयारी

बीडीए उपाध्यक्ष के मुताबिक मीडिया टावर को इन्फोटेनमेंट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक आधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित होगा, जहां से कंटेंट और मीडिया प्लेयर संचालित किए जाएंगे। मुख्य अभियंता एपीएन सिंह ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और परियोजना को प्राथमिकता पर पूरा किया जाएगा।

विकास की नई दिशा या संसाधनों की बर्बादी

बीडीए का दावा है कि यह टावर न सिर्फ शहर की सुंदरता बढ़ाएगा बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। साथ ही इसे प्रदेश के अन्य शहरों के लिए मॉडल परियोजना बताया जा रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यही है, क्या 2.5 करोड़ रुपये की यह परियोजना वास्तव में बरेली को नई पहचान दिलाएगी, या फिर यह सिर्फ दिखावटी विकास का एक और उदाहरण साबित होगी।

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