बरेली

मथुरा के बाद बरेली में भी गिरा पानी का टैंक, निलंबित हुईं एक्सईएन कुमकुम, एक ही अफसर के कार्यकाल में दो-दो टैंक हादसे

Bareilly आंवला के सरदार नगर गांव में पानी का ओवरहेड टैंक गिरने के मामले में आखिरकार बड़ी कार्रवाई हो गई। जल जीवन निगम की अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) कुमकुम गंगवार को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है।
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May 16, 2026
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निलंबित एक्सईएन कुमकुम गंगवार

बरेली। आंवला के सरदार नगर गांव में पानी का ओवरहेड टैंक गिरने के मामले में आखिरकार बड़ी कार्रवाई हो गई। जल जीवन निगम की अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) कुमकुम गंगवार को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि उनके कार्यकाल में इससे पहले मथुरा में भी ओवरहेड टैंक गिर चुका है। अब लगातार दूसरे बड़े हादसे के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

चार मई को आंवला क्षेत्र के सरदार नगर गांव में बना पानी का ओवरहेड टैंक अचानक क्षतिग्रस्त होकर भरभराकर गिर गया था। हादसे में आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
हादसे के तुरंत बाद एक्सईएन कुमकुम गंगवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अब जल जीवन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है।

मथुरा में भी गिर चुका था ओवरहेड टैंक

जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि 30 जून 2024 को मथुरा की कृष्ण विहार कॉलोनी में भी ओवरहेड टैंक गिरा था। उस समय भी कुमकुम गंगवार वहां अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात थीं। उस मामले में भी उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। दोनों मामलों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता अधोमानक पाए जाने, कार्यों का सही क्रियान्वयन न होने, विभागीय निर्देशों की अनदेखी और शासन की छवि धूमिल करने के आरोपों को गंभीर मानते हुए विभाग ने यह कार्रवाई की है।

निर्माणदायी संस्था पर एफआईआर, कई अफसरों पर गिरी गाज

सरदार नगर हादसे के बाद निर्माणदायी संस्था एनसीसी लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। साथ ही संबंधित जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया था। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई थीं। घटना की जांच के लिए लखनऊ से पहुंची दो टीमें रेता, सीमेंट और सरिया के सैंपल अपने साथ ले गई थीं। उनकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।

झांसी मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध

निलंबन अवधि के दौरान कुमकुम गंगवार को मुख्य अभियंता बुंदेलखंड क्षेत्र, झांसी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। पूरे मामले की विभागीय जांच मुख्य अभियंता गोरखपुर विक्रम प्रताप सिंह को सौंपी गई है। वहीं, उनके स्थान पर शाहजहांपुर के एक्सईएन को बरेली का अतिरिक्त प्रभार दिया जा रहा है

Updated on:
16 May 2026 11:37 am
Published on:
16 May 2026 11:17 am