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मिड-डे मील के नाम पर उधार लिया राशन, 13 साल बाद बरेली के इस पूर्व प्रधान को 6 साल की सजा, जुर्माना भी ठोका

गांव के स्कूलों में मिड-डे मील चलाने के नाम पर किराना व्यापारी से लाखों रुपये का राशन उठाना और फिर भुगतान मांगने पर धमकाना आखिरकार पूर्व प्रधान को भारी पड़ गया। 13 साल पुराने चर्चित मामले में बरेली की अदालत ने आरोपी सत्य प्रकाश को दोषी करार देते हुए 6 साल की सजा सुनाई है।

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जेल के लिए इस्तेमाल की गई सांकेतिक तस्वीर। (फोटो- AI)

बरेली। गांव के स्कूलों में मिड-डे मील चलाने के नाम पर किराना व्यापारी से लाखों रुपये का राशन उठाना और फिर भुगतान मांगने पर धमकाना आखिरकार पूर्व प्रधान को भारी पड़ गया। 13 साल पुराने चर्चित मामले में बरेली की अदालत ने आरोपी सत्य प्रकाश को दोषी करार देते हुए 6 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने साफ कहा कि व्यापारी से लिया गया सामान लौटाने या भुगतान करने के बजाय आरोपी ने उसे धमकाने की कोशिश की।

मामला सीबीगंज थाना क्षेत्र के गांव तिलियापुर का है। गांव निवासी जाबिर खां की किराना दुकान से प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल के मिड-डे मील के लिए वर्षों तक राशन लिया जाता रहा। तेल, दाल, चावल, मसाले, सूजी, बिस्कुट समेत तमाम सामान पूर्व प्रधान सत्य प्रकाश के कहने पर भेजा जाता था। शुरुआत में कुछ भुगतान होता रहा, लेकिन बाद में उधारी बढ़ती चली गई। पीड़ित के मुताबिक हिसाब जोड़ने पर करीब 1 लाख 77 हजार 978 रुपये बकाया निकल आए। दुकानदार लगातार तकादा करता रहा, मगर भुगतान नहीं हुआ।

रुपये मांगे तो दी जेल भिजवाने की धमकी

2 जून 2013 को जाबिर खां भुगतान मांगने पहुंचा तो विवाद हो गया। आरोप है कि सत्य प्रकाश ने रुपये देने से इनकार करते हुए उसे झूठे मुकदमे में फंसाने, एससी-एसटी एक्ट लगवाकर जेल भेजने और जान से मारने तक की धमकी दी। मौके पर गाली-गलौज भी हुई। इसके बाद जाबिर खां ने सीबीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। सुनवाई के दौरान अदालत में दस्तावेज पेश किए गए। कई गवाहों ने भी बयान दिए कि मिड-डे मील का सामान जाबिर खां की दुकान से आता था। अदालत ने दस्तावेजों और गवाहों को महत्वपूर्ण मानते हुए आरोपी के खिलाफ आरोपों को सही पाया।

गाली-गलौज में राहत, धोखाधड़ी और धमकी में सजा

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम दीपक कुमार मिश्रा की अदालत ने सुनवाई के बाद धारा 504 में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। हालांकि धारा 406 और 506 आईपीसी के आरोप साबित मानते हुए सत्य प्रकाश को दोषी करार दिया गया। अदालत ने सत्य प्रकाश को दोनों धाराओं में 6 साल के साधारण कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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