नवाबगंज क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग के खतरनाक खेल ने एक और मासूम की जान ले ली। बरखन मार्ग स्थित मोटर गैराज के बेसमेंट में 18 अप्रैल को हुए भीषण अग्निकांड में झुलसे चार किशोरों में से शुक्रवार को तीसरे किशोर की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।
बरेली। नवाबगंज क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग के खतरनाक खेल ने एक और मासूम की जान ले ली। बरखन मार्ग स्थित मोटर गैराज के बेसमेंट में 18 अप्रैल को हुए भीषण अग्निकांड में झुलसे चार किशोरों में से शुक्रवार को तीसरे किशोर की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान साहिल रजा (15) के रूप में हुई है। इससे पहले अजीत और अर्शिल दम तोड़ चुके हैं, जबकि फरमान और गैराज मालिक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
परिजनों के मुताबिक गैराज में लंबे समय से अवैध तरीके से गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग का धंधा चल रहा था। आरोप है कि पुलिस से बचने के लिए यह काम बेसमेंट में छिपकर किया जाता था। घटना वाले दिन भी सिलेंडर भरने के बाद चारों किशोरों को उसे उठाकर ईको गाड़ी में रखने के लिए बुलाया गया था।
जैसे ही किशोर सिलेंडर उठाने लगे, अचानक गैस लीक होने लगी और चिंगारी से आग भड़क उठी। देखते ही देखते पूरा बेसमेंट आग की लपटों में घिर गया और चारों किशोर बुरी तरह झुलस गए। इस दौरान गैराज मालिक महावीर भी आंशिक रूप से झुलस गया। घटना के बाद सभी घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन गंभीर हालत के चलते पहले अजीत (13) और फिर अर्शिल (14) ने दम तोड़ दिया। अब साहिल रजा की भी मौत हो गई है। फरमान (13) की हालत नाजुक बनी हुई है और जिंदगी की जंग जारी है।
अजीत के परिवार पर इस हादसे ने सबसे बड़ा वार किया है। पिता देवेंद्र कुमार फर्नीचर का काम करते हैं और अजीत भी छोटी उम्र में ही घर चलाने में हाथ बंटाने लगा था। बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित बाबू ने गैराज मालिक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। घटनास्थल पर पुलिस तैनात कर दी गई है और अवैध गैस रिफिलिंग के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।