बिथरी चैनपुर की राजनीति में रविवार को सियासी उथल पुथल रही। पीलीभीत बाईपास स्थित दिशा पैलेस में जुटी भारी भीड़ और नेताओं की मौजूदगी के बीच साफ संकेत मिला कि उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति चर्चित भाजपा नेता गिरधारी पप्पू अब बिथरी से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं।
बरेली। बिथरी चैनपुर की राजनीति में रविवार को सियासी उथल पुथल रही। पीलीभीत बाईपास स्थित दिशा पैलेस में जुटी भारी भीड़ और नेताओं की मौजूदगी के बीच साफ संकेत मिला कि उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति चर्चित भाजपा नेता गिरधारी पप्पू अब बिथरी से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं। हालांकि पार्टी का खुलासा अभी बाकी है, लेकिन समर्थकों की जोरदार नारेबाजी और शक्ति प्रदर्शन ने इस संभावित दावेदारी को मजबूती दे दी है।
कार्यक्रम औपचारिक तौर पर मिलन समारोह बताया गया, लेकिन मंच और माहौल ने इसे पूरी तरह राजनीतिक बना दिया। धर्मेंद्र सिंह रिंकू साहू की अगुवाई में आयोजित इस सभा में समर्थकों ने खुलकर नारे लगाए “गिरधारी पप्पू को बिथरी से लड़ाना है”। खास बात यह रही कि गिरधारी पप्पू खुद मौजूद नहीं थे, लेकिन उनके समर्थकों ने चुनावी ताल ठोकने का संदेश दे दिया।
सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को और अहम बना दिया। पूर्व विधायक इस्लाम साबिर, पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, भाजपा नेता डॉ. प्रमेन्द्र माहेश्वरी समेत कई चेहरे एक साथ नजर आए। एक मंच पर अलग-अलग दलों के नेताओं की मौजूदगी ने बिथरी सीट को लेकर नए समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है।
दिल्ली में मौजूद गिरधारी पप्पू ने फोन पर बातचीत में स्पष्ट किया कि वह बिथरी से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन पार्टी का फैसला अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि समर्थकों के आग्रह पर यह निर्णय लिया जा रहा है और जल्द ही औपचारिक घोषणा की जाएगी।
गिरधारी पप्पू लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे हैं। जोगी नवादा से सभासद, मेयर चुनाव और उत्तराखंड की राजनीति में उनकी सक्रियता रही है। उनकी पत्नी रेखा आर्या उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ और प्रभाव का अंदाजा लगाया जा रहा है। बिथरी सीट पहले से ही चर्चाओं में रही है और अब उनकी संभावित एंट्री से मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।
गिरधारी पप्पू का नाम सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है। बाबा बनखंडीनाथ मंदिर से जुड़ाव, 400 गायों की सेवा और हर साल 101 बेटियों के विवाह जैसे कार्यों ने उनकी सामाजिक छवि को मजबूत बनाया है। इसी आधार पर समर्थक उन्हें बिथरी से मजबूत दावेदार मान रहे हैं।
कार्यक्रम के आयोजक धर्मेंद्र सिंह रिंकू साहू ने कहा कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है और इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना इस बात का संकेत है कि जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने सभी उपस्थित नेताओं और समर्थकों का आभार जताया।