5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बदायूं हत्याकांड में उबाल: पिता का अल्टीमेटम, न्याय नहीं मिला तो कोतवाली के सामने कर दूंगा आत्मदाह

बदायूं के सैजनी गांव स्थित एचसीपीएल प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड ने तूल पकड़ लिया है। मृतक सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा के परिजनों ने रविवार को पूरनपुर स्थित अपने आवास पर प्रेसवार्ता कर पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए।

2 min read
Google source verification

बरेली/बदायूं। बदायूं के सैजनी गांव स्थित एचसीपीएल प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड ने तूल पकड़ लिया है। मृतक सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा के परिजनों ने रविवार को पूरनपुर स्थित अपने आवास पर प्रेसवार्ता कर पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए। पिता सुशील मिश्रा ने साफ कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा है, लेकिन अगर न्याय नहीं मिला तो वह कोतवाली के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।

12 मार्च को एचसीपीएल प्लांट में दिनदहाड़े हर्षित मिश्रा और डीजीएम सुधीर गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह समेत दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मृतक के पिता सुशील मिश्रा ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इस हत्याकांड में प्लांट के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। उनका कहना है कि गोली लगने के बाद दोनों अफसर करीब 40 मिनट तक प्लांट में ही पड़े रहे, लेकिन समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने में डेढ़ घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया, जिससे उनकी जान नहीं बच सकी।

पुलिस को दिए कई नाम, फिर भी कार्रवाई नहीं

परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस को कई संदिग्ध लोगों के नाम बताए हैं, जिनमें प्लांट के अधिकारी और मुख्य आरोपी के परिजन शामिल हैं। बावजूद इसके अब तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सुशील मिश्रा ने यह भी कहा कि मुख्य आरोपी खुद ही पुलिस के पास पहुंचा था, पुलिस ने उसे पकड़ने में कोई खास भूमिका नहीं निभाई। सुशील मिश्रा ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराई जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

पुलिस का दावा: चार टीमें कर रहीं जांच

वहीं, बदायूं पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में आरोपी के परिवार के कुछ सदस्यों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों को खंगालते हुए पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। एक तरफ परिजन पुलिस पर लापरवाही और साजिश के आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर पुलिस जांच में तेजी का दावा कर रही है। ऐसे में यह मामला अब सिर्फ हत्या का नहीं, बल्कि न्याय और सिस्टम की जवाबदेही का बड़ा सवाल बनता जा रहा है।