शहर के आसपास अवैध प्लॉटिंग का खेल अब भारी पड़ने लगा है। बुधवार को बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिमरा अजूबा बेगम में बीडीए की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गई। करीब 3000 वर्गमीटर में चुपचाप बसाई जा रही अवैध कॉलोनी पर सीधे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दी गई।
बरेली। शहर के आसपास अवैध प्लॉटिंग का खेल अब भारी पड़ने लगा है। बुधवार को बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिमरा अजूबा बेगम में बीडीए की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गई। करीब 3000 वर्गमीटर में चुपचाप बसाई जा रही अवैध कॉलोनी पर सीधे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दी गई।
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ ए मनिकंडन के मुताबिक नीतू पटेल के नाम पर जमीन पर बिना प्राधिकरण से नक्शा पास कराए प्लॉटिंग की जा रही थी। जमीन पर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा था, नालियां डाली जा रही थीं और बाउंड्रीवाल तक खड़ी कर दी गई थी। यानी पूरी तैयारी थी कि कुछ ही दिनों में इसे रेडी टू मूव कॉलोनी बताकर लोगों को प्लॉट बेचे जाएं। लेकिन प्राधिकरण को भनक लगते ही पूरी तैयारी पर पानी फिर गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन सड़कों, नालियों और अन्य ढांचों को तोड़ डाला।
कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता विनोद कुमार, अवर अभियंता सीताराम और प्रवर्तन टीम के सदस्य मौजूद रहे। जैसे ही बुलडोजर ने पहली चोट की, मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई और कॉलोनी से जुड़े लोग इधर-उधर नजर आने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पिछले कुछ समय से तेजी से प्लॉटों की मार्किंग हो रही थी और खरीदारों को सुनहरे सपने दिखाए जा रहे थे।
बीडीए की इस कार्रवाई को साफ संदेश माना जा रहा है कि बिना स्वीकृति प्लॉटिंग का धंधा अब नहीं चलेगा। अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि जो भी बिना मानचित्र स्वीकृति कॉलोनी विकसित करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्राधिकरण ने आम नागरिकों को भी चेताया है कि प्लॉट खरीदने से पहले मानचित्र और स्वीकृति की जांच जरूर करें। वरना मेहनत की कमाई एक झटके में मलबा बन सकती है।