मीरगंज के बाद अब फ़तेहगंज पूर्वी थाने से कारतूस और हैंड ग्रेनेड चोरी होने का मामला सामने आया है।
बरेली। मीरगंज के बाद अब फ़तेहगंज पूर्वी थाने से कारतूस और हैंड ग्रेनेड चोरी होने का मामला सामने आया है। थाने के मालखाने से प्रतिबंधित बोर के सैकड़ों कारतूस और हैंड ग्रेनेड गायब होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। एसएसपी के आदेश पर फतेहगंज पूर्वी के एसओ ने दो हेड कांस्टेबल के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराया है और गबन के आरोपी दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
निरीक्षण में कम मिले कारतूस
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने 24 फरवरी को फतेहगंज पूर्वी थाने का निरीक्षण किया था, इस दौरान रायफल के 122 कारतूस, 9 एमएम पिस्टल के 10, एसएलआर के 17 कारतूस, रिवाल्वर के 90 कारतूस और चार ग्रेनेड कम मिले थे, जिसके बाद एसएसपी ने थाने के एसओ सुरेंद्र कुमार से मामले की रिपोर्ट तलब की थी। एसओ ने बताया कि थाने में तैनात हेड मोहर्रिल सूरजपाल के पास मालखाने का चार्ज था। डेढ़ साल पहलेहेमराज के रिटायर होने के बाद मालखाने का चार्ज हेड कांस्टेबल आदेश कुमार को दिया गया था। आदेश का ट्रांसफर बिशारतगंज थाने में हो गया तो चार्ज सूरजपाल को दिया गया था। थाने से सैकड़ों कारतूस सूरजपाल और आदेश कुमार के कार्यकाल में ही गायब हुए, जिसके कारण दोनों के खिलाफ थाने में गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
थाने में मौजूद कारतूस
फतेहगंज पूर्वी में अगस्त 2017 में 31 रायफल, चार पिस्टल और दो रिवाल्वर थी जिसके लिए राइफल के डेढ़ हजार कारतूस, पिस्टल के करीब 350 कारतूस और रिवाल्वर के 200 कारतूस थे। गश्त पर जाने से पहले सिपाही को रायफल के साथ 20 कारतूस और दरोगा को रिवाल्वर के साथ छह कारतूस एवं पिस्टल के साथ 10 कारतूस दिए जाते हैं।
आखिर कहां गए कारतूस
थाने से कारतूस गायब होने का मामला अपने आप में बहुत गंभीर मामला है अगर थाने से गायब हुए इतनी बड़ी तादात में कारतूस क्रिमिनल को सप्लाई किए गए होंगे तो वो किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।