
बरेली। बारादरी क्षेत्र की रेजिडेंट्स कॉलोनी में दो दिन से मौत से जूझ रही एक चील को आखिरकार नई जिंदगी मिल गई। पतंग के खतरनाक मांझे में फंसकर पेड़ पर उल्टी लटकी चील को अग्निशमन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित नीचे उतारा। घायल चील को इलाज के लिए आईवीआरआई भेजा गया है।
कॉलोनी के लोगों ने बताया कि चील पिछले दो दिनों से पेड़ पर उल्टी लटकी हुई थी। वह मांझे में इस कदर उलझ गई थी कि न तो उड़ पा रही थी और न ही खुद को छुड़ा पा रही थी। लगातार छटपटाने के बावजूद वह वहीं फंसी रही, जिससे उसकी हालत गंभीर होती जा रही थी। मंगलवार दोपहर करीब सवा बारह बजे मामले की सूचना सीएफओ मनु शर्मा को दी गई। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन सिविल लाइन से एफएसओ संजीव कुमार के नेतृत्व में अग्निशमन टीम को तत्काल मौके पर रवाना किया गया। बिना देर किए दो फायर गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि चील काफी ऊंचे पेड़ की डालियों में फंसी हुई है। पेड़ की ऊंचाई इतनी ज्यादा थी कि सामान्य उपकरणों से वहां तक पहुंचना संभव नहीं था। स्थिति को देखते हुए टीम ने मोटर फायर इंजन पर लगी लंबी सीढ़ी का सहारा लिया। दमकलकर्मियों ने सीढ़ी को पेड़ की ऊंची डालियों तक टिकाया। दो जवान नीचे से सीढ़ी को संभालते रहे, जबकि एक कर्मचारी ऊपर चढ़कर चील तक पहुंचा। उसने सावधानी से मांझे में उलझी चील को छुड़ाया और सुरक्षित नीचे उतार लिया।
निरीक्षण में सामने आया कि मांझे की धार से चील के पंख और पैर बुरी तरह कट गए थे, जिससे वह उड़ने में असमर्थ हो गई थी। टीम ने कैंची से मांझा काटकर उसे पूरी तरह मुक्त किया और पानी पिलाकर प्राथमिक राहत दी। रेस्क्यू के बाद घायल चील को उपचार के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर भेज दिया गया। विशेषज्ञ डॉक्टर अब उसकी देखभाल कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पतंगबाजी में इस्तेमाल होने वाला घातक मांझा न सिर्फ इंसानों बल्कि बेजुबान पक्षियों के लिए भी जानलेवा बन रहा है।
Updated on:
05 May 2026 09:18 pm
Published on:
05 May 2026 09:17 pm
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