बरेली

तंजीम उलेमा इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन समेत दो  पर केस दर्ज

पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Updated: 11 Dec 2019, 1:46 PM IST
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बरेली। शहर के जाने माने उलेमा और ऑल इण्डिया तंजीम उलेमा इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन धोखाधड़ी के मामले में फंस गए हैं। एक ठेकेदार ने मौलाना और उनके एक साथी पर 8.50 लाख रूपये हड़पने का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ठेका दिलाने के नाम पर ठगी
प्रेमनगर के नरकुलागंज इलाके में रहने वाले मोहम्मद शाजेब ने कोतवाली में मौलना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि मौलानगर में रहने वाले ठेकेदार दिलीप श्रीवास्तव का बिहारीपुर में मौलाना शहाबुद्दीन के घर पर आना-जाना था। दिलीप मूलरूप से लाला का पुरवा, थाना जगदीशपुर जिला अमेठी का निवासी है। मौलाना के घर पर ही उनकी दिलीप से मुलाकात हुई। बातचीत में दिलीप ने खुद को सीएंडडीएस बरेली के प्रोजेक्ट मैनेजर आरएस पांडेय का सहायक बताया। यह भी बताया कि विभाग में उसकी अच्छी पकड़ है। मौलाना शहाबुद्दीन भी अक्सर दिलीप की तारीफ करते थे। शाजेब का कहना है कि ठेके दिलाने की बात हुई तो मौलाना के कहने पर ही वह पांच मार्च 2018 को पांच लाख रुपये लेकर दिलीप के साथ दिल्ली गए। कुछ दिन बाद दिलीप ने साढ़े तीन लाख रुपये और ले लिए। मगर इसके बाद उन्हें न कोई ठेका मिला न रकम वापस हुई। उन्होंने मौलाना से कहा तो उन्होंने सप्ताह भर में रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया मगर बाद में कहने लगे कि दिलीप से उनका संपर्क ही नहीं हो पा रहा है।

जांच हुई शुरू
शाजेब का कहना है कि उन्होंने पुलिस में शिकायत की धमकी की तो मौलाना ने दो बार में उन्हें 95 हजार रुपये दे दिए लेकिन बकाया रकम नहीं मिली। शाजेब ने इस मामले में एसएसपी कार्यालय में शिकायत की थी जिसके बाद कोतवाली में दिलीप श्रीवास्तव और मौलाना शहाबुद्दीन के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस मामले में एसपी सिटी रविंद्र कुमार का कहना है कि दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है जल्द ही मामले में कार्रवाई की जाएगी।

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