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‘2017 से पहले किसानों का होता था शोषण’, मंत्री संजय निषाद का अखिलेश-मायावती सरकार पर बड़ा हमला

मंत्री संजय निषाद ने कहा कि 2017 से पहले, ये लोग अलग-अलग जातियों और पिछड़े समुदायों के नाम पर वोट मांगते थे। लेकिन, अन्य समुदायों को लगातार अनदेखा किया गया और उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
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Sanjay Nishad

उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद (फोटो एएनआई)

Sanjay Nishad Statement: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने पूर्ववर्ती सपा और बसपा सरकारों पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले राज्य के किसानों और पिछड़ों का जमकर शोषण किया गया। बरेली में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकारों की गलत नीतियों और तुष्टिकरण के कारण प्रदेश की कृषि व्यवस्था और किसान बदहाली के कगार पर पहुंच गए थे।

गन्ना किसान देश की रीढ़, योगी सरकार ने दूर कीं समस्याएं

मंत्री संजय निषाद ने गन्ना किसानों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें देश और कृषि क्षेत्र की रीढ़ की हड्डी बताया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले गन्ना किसानों को अपने ही बकाये भुगतान के लिए दर-दर भटकना पड़ता था। उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन 2017 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई। हमारी सरकार ने किसानों की चिंताओं और प्राथमिकताओं को समझा, समय पर भुगतान सुनिश्चित किया और उनकी समस्याओं को हल करने का काम किया।

जाति के नाम पर लिया वोट, लेकिन पिछड़ों के साथ किया छलावा

विपक्ष के वोट बैंक मॉडल पर तीखा प्रहार करते हुए संजय निषाद ने कहा कि 2017 से पहले सत्ता में रहे लोग सिर्फ चुनाव जीतने के लिए जातियों और पिछड़े समुदायों का नाम इस्तेमाल करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट लेने के बाद पिछड़ों और अन्य समुदायों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया जाता था और उन्हें न तो शासन में उचित प्रतिनिधित्व मिलता था और न ही योजनाओं का लाभ।

सरकारी विभागों में खास वर्ग को दिया गया बढ़ावा

कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में सरकारी विभागों और नौकरियों में भारी पक्षपात और धांधली होती थी। उन्होंने कहा कि अगर आप पिछली सरकारों के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों के कामकाज को देखेंगे, तो साफ दिखेगा कि कैसे कुछ चुनिंदा समूहों और खास वर्ग के लोगों को फायदा पहुंचाया जाता था, जबकि अन्य हकदार समुदायों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जाता था।

2017 के बाद बदला यूपी का राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल

संजय निषाद ने दावा किया कि 2017 में योगी सरकार के आने के बाद पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई। अब विकास योजनाओं और नौकरियों में किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं होता, बल्कि हर समाज को उसका वाजिब हक दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता विपक्ष के इस छल को अच्छे से समझ चुकी है और अब तुष्टिकरण की राजनीति का दौर पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

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