बरेली

नगर आयुक्त का ताबड़तोड़ एक्शन, सफाई में लापरवाही पर नायक सस्पेंड, निर्माण कार्यों में खामियों पर भी अफसरों की फटकार

मंगलवार सुबह नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य अचानक शहर के कई वार्डों में निरीक्षण के लिए पहुंच गए। सफाई व्यवस्था की बदहाली और निर्माणाधीन कार्यों में भारी लापरवाही सामने आते ही नगर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया। मुंशीनगर वार्ड-10 में गंदगी और अव्यवस्था पर नगर आयुक्त ने सफाई नायक संतोष कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
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Dec 16, 2025
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बरेली। मंगलवार सुबह नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य अचानक शहर के कई वार्डों में निरीक्षण के लिए पहुंच गए। सफाई व्यवस्था की बदहाली और निर्माणाधीन कार्यों में भारी लापरवाही सामने आते ही नगर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया। मुंशीनगर वार्ड-10 में गंदगी और अव्यवस्था पर नगर आयुक्त ने सफाई नायक संतोष कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई से नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई।

नगर आयुक्त ने सबसे पहले मुंशीनगर वार्ड-10 का निरीक्षण किया। यहां नालियां चोक मिलीं, सड़कों पर कूड़े के ढेर नजर आए और नियमित सफाई का अभाव साफ झलका। मौके पर मौजूद कर्मचारियों से जब जवाब मांगा गया तो संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। नगर आयुक्त ने दो टूक कहा कि सफाई में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदारी तय होगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इसके बाद नगर आयुक्त ने परसाखेड़ा, कर्मचारी नगर, कुर्मांचल नगर और सीएम ग्रिड साइट पर चल रहे निर्माण कार्यों का भी गहन निरीक्षण किया। 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत बन रही सड़कों और नालियों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को जमकर फटकार लगाई। निर्माणाधीन नालियों में निर्धारित स्पेसिफिकेशन के अनुसार रिइनफोर्समेंट नहीं मिलने पर नगर आयुक्त ने तुरंत सुधार के निर्देश दिए।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट आदेश दिए कि नालियों का अलाइनमेंट पूरी तरह सही हो, कहीं भी पानी रुकने की स्थिति न बने। लेवलिंग ठीक तरीके से निकालकर ही कार्य कराया जाए, अन्यथा भुगतान रोका जाएगा और संबंधित ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को चेताया कि अगर भविष्य में किसी भी वार्ड में सफाई या निर्माण कार्यों में गड़बड़ी मिली तो जिम्मेदार अफसर और कर्मचारी सीधे कार्रवाई के दायरे में आएंगे।