बरेली में ठंड ने अपने तीखे तेवर दिखाते हुए जनजीवन पूरी तरह जकड़ लिया है। गलन इतनी ज्यादा है कि हाथ-पैर सुन्न पड़ रहे हैं। भयंकर कोहरे ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। दृश्यता महज 8 मीटर तक सिमट गई, जिससे वाहन चालकों को बेहद धीमी रफ्तार में चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बरेली। बरेली में ठंड ने अपने तीखे तेवर दिखाते हुए जनजीवन पूरी तरह जकड़ लिया है। गलन इतनी ज्यादा है कि हाथ-पैर सुन्न पड़ रहे हैं। भयंकर कोहरे ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। दृश्यता महज 8 मीटर तक सिमट गई, जिससे वाहन चालकों को बेहद धीमी रफ्तार में चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
सुबह-सुबह सड़कें ओस से भीगी नजर आईं, मानो हल्की बारिश हो गई हो। कई दिनों से सूरज के दर्शन नहीं हुए, जिसके चलते ठंड लगातार बढ़ती चली गई। शीतलहर का असर घरों के भीतर भी दिख रहा है। तीन-चार दिन पहले धुले कपड़े तक नहीं सूख पा रहे।
दिन का अधिकतम तापमान: लगभग 15°C
रात का न्यूनतम तापमान: करीब 6°C
सुबह और देर रात गलन सबसे अधिक महसूस की जा रही है, जबकि दोपहर में भी धूप न निकलने से राहत नहीं मिल पा रही।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को मौसम साफ रहने की संभावना है। यदि बादल छंटे रहे तो सूरज के दर्शन हो सकते हैं, जिससे लोगों को शीतलहर और गलन से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
कोहरे में वाहन धीमी गति से चलाएं, फॉग लाइट का प्रयोग करें
सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचें
बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों को ठंड से विशेष सुरक्षा दें
गर्म कपड़े, टोपी और दस्ताने का उपयोग अनिवार्य रखें
पर्याप्त गर्म पेय लें और शरीर को हाइड्रेट रखें
घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के इस दौर में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। नजरें अब शनिवार पर टिकी हैं, जब धूप निकलने से बरेली को सर्दी के इस डंक से कुछ राहत मिल सकती है।