बारादरी थाने के सामने युवक के खुद को आग के हवाले करने की घटना ने पुलिस महकमे की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने दरोगा समेत 7 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, वहीं एक रिक्रूट सिपाही के खिलाफ चयन निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बरेली। बारादरी थाने के सामने युवक के खुद को आग के हवाले करने की घटना ने पुलिस महकमे की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने दरोगा समेत 7 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, वहीं एक रिक्रूट सिपाही के खिलाफ चयन निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बारादरी थाने के गेट पर युवक के खुद को आग लगाने की घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। मंगलवार रात फतेहगंज पश्चिमी निवासी अक्षय कुमार ने थाने के बाहर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी। घटना के बाद मचे हंगामे, सवालों और वायरल हुए वीडियो के बीच अफसरों ने तत्काल जांच बैठाई। जांच में लापरवाही की परतें खुलीं तो एक-एक कर जिम्मेदारों पर गाज गिरती चली गई। जांच में पता चला कि युवक उसी दिन तीन बार थाने आया था। उस वक्त जनशिकायत हेल्प डेस्क पर तैनात उपनिरीक्षक सुरेंद्र कुमार शर्मा फरियादियों की सुनवाई के जिम्मेदार थे। आरोप है कि शिकायत का सही तरह से संज्ञान नहीं लिया गया और मामला उच्चाधिकारियों तक नहीं पहुंचाया गया। सीसीटीवी फुटेज और बयानों के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच अब एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा को सौंपी गई है।
जिले में अनुशासनहीनता पर भी कड़ा रुख अपनाया गया है। तीन सिपाही अवकाश खत्म होने के बाद भी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे। कोतवाली में तैनात कृष्ण गोपाल नवंबर 2025 से गैरहाजिर चल रहे थे। सिंगल विंडो पर तैनात केशव कुमार जनवरी में छुट्टी पर गए और दोबारा ड्यूटी पर नहीं आए। प्रशांत कुमार भी आकस्मिक अवकाश के बाद गायब रहे। तीनों को निलंबित कर दिया गया है।
तीन हेड कांस्टेबल पर भी बड़ी कार्रवाई हुई है। एक हेड कांस्टेबल राज्यपाल की फ्लीट ड्यूटी से नदारद मिला, दूसरा बंदी पेशी ड्यूटी पर अनुपस्थित रहा। तीसरे पर शराब पीकर ड्यूटी करने और साथियों से दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं रिजर्व पुलिस लाइन में प्रशिक्षण ले रहा एक रिक्रूट सिपाही दो दिन की छुट्टी लेकर गया और फिर लौटे ही नहीं। जांच में सामने आया कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा था। अब उसके चयन को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एसएसपी अनुराग आर्य का संदेश साफ है कि फरियादी अगर थाने की चौखट पर भटके या ड्यूटी से कर्मचारी गैरहाजिर मिलें तो अब सीधी कार्रवाई होगी। बारादरी की घटना ने पूरे महकमे को चेतावनी दे दी है कि संवेदनहीनता और ढिलाई की कीमत चुकानी पड़ेगी।