बरेली

बिजली विभाग के ठेकेदारों ने दबाया 53 लाख का माल, कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने कराई एफआईआर, जाने मामला

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की आरडीएसएस/लॉस रिडक्शन योजना के तहत बरेली में काम कर रही यूनिवर्सल एमईपी इंजीनियरिंग एंड सर्विसेज लिमिटेड कंपनी ने ठेकेदारों पर गंभीर आरोप जड़े हैं। कंपनी का कहना है कि ठेकेदारों ने काम पूरा होने के बाद भी जारी की गई करोड़ों की विद्युत सामग्री और डिस्मेंटल मटेरियल वापस नहीं किया।

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Sep 01, 2025
एफआईआर दर्ज (फोटो सोर्स: एआई)

बरेली। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की आरडीएसएस/लॉस रिडक्शन योजना के तहत बरेली में काम कर रही यूनिवर्सल एमईपी इंजीनियरिंग एंड सर्विसेज लिमिटेड कंपनी ने ठेकेदारों पर गंभीर आरोप जड़े हैं। कंपनी का कहना है कि ठेकेदारों ने काम पूरा होने के बाद भी जारी की गई करोड़ों की विद्युत सामग्री और डिस्मेंटल मटेरियल वापस नहीं किया। इस मामले में कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने प्रेमनगर थाने में तीनों ठेकेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर धीरेन्द्र सिंह का आरोप है कि कोतवाली आलमगीरीगंज, बिहारीपुर, सिविल लाइन, डीडीपुरम और एकता नगर इलाके में काम करने के लिए ठेकेदारों को सामान दिया गया था। नियम के मुताबिक, काम खत्म होने के बाद बचा हुआ और खंभों से उतारा गया सामान कंपनी के स्टोर में जमा करना जरूरी था। लेकिन ठेकेदारों ने इसे अपने पास रख लिया।

इन ठेकेदारों ने दबाए इतने रुपये

पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अमरोहा के हरवीर सिंह की फर्म मेसर्स एच.एस. इलेक्ट्रिकल ने 15 लाख 79 हजार 423 रुपये और अमरोहा के ही आकाश कुमार की फर्म मेसर्स अक्की इंटरप्राइजेज ने 6 लाख 61 हजार 069 रुपये दबा लिए। वहीं गाजियाबाद के रविंद्र सिंह की फर्म मेसर्स रविंद्र इंटरप्राइजेज ने 31,12,013 रुपये दबा लिए।

नोटिस बेअसर, अब पुलिस की चौखट पर कंपनी

कंपनी का कहना है कि ठेकेदारों को बार-बार मौखिक चेतावनी, लिखित नोटिस और यहां तक कि कानूनी नोटिस तक दिए गए, लेकिन किसी ने सामान लौटाना मुनासिब नहीं समझा। आरोप है कि ठेकेदारों की लापरवाही की वजह से परियोजना भी समय पर पूरी नहीं हो सकी। अब कंपनी ने मामला प्रेमनगर थाने में दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस तहरीर के आधार पर जांच कर रही है।

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