रविवार सुबह शहर में उस वक्त सियासी और धार्मिक हलचल तेज हो गई, जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रेसवार्ता में योगी सरकार पर सीधा हमला बोला।
बरेली। रविवार सुबह शहर में उस वक्त सियासी और धार्मिक हलचल तेज हो गई, जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रेसवार्ता में योगी सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गोहत्या के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जबकि लोगों को उम्मीद थी कि सरकार बनने के बाद इसमें कमी आएगी।
शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर से प्रदेश में बूचड़खाने संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी बाजारों में गोमांस खुलेआम बिक रहा है, जो उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के लिए शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार ने गोहत्या रोकने का वादा किया था, तो जमीनी स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं दिख रही।
प्रेसवार्ता में उन्होंने स्पष्ट कहा कि संत समाज का काम समाज का कल्याण करना है, न कि राजनीति में सक्रिय होना। उन्होंने कहा कि धर्म और राजनीति की शपथ अलग-अलग होती हैं और एक संन्यासी दोनों भूमिकाएं एक साथ नहीं निभा सकता।
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने साफ संदेश दिया कि जनता को वही सरकार चुननी चाहिए जो प्रदेश में गोहत्या पर पूरी तरह रोक लगाने की क्षमता और इच्छाशक्ति रखती हो। उन्होंने कहा कि सनातन प्रेमियों को इस मुद्दे पर सजग रहना होगा।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ऐलान किया कि वह 1 मई से प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान लोगों को जागरूक किया जाएगा और बताया जाएगा कि किस तरह की सरकार प्रदेश और धर्महित में जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरी तरह जागरूकता के लिए होगा, ताकि लोग सही निर्णय लेकर प्रदेश का भविष्य तय कर सकें।