
बरेली। सैटेलाइट बस स्टेशन के खुले नाले में गिरकर हरदोई के युवक तौहीद की दर्दनाक मौत के बाद आखिरकार नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। जांच रिपोर्ट सामने आते ही निगम प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। नगर आयुक्त ने दो अभियंताओं समेत चार जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी है, जबकि सफाई में लगी एजेंसी और ठेकेदार की लापरवाही भी खुलकर सामने आई है।
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में पूर्व अवर अभियंता अनुराग कमल, वर्तमान अवर अभियंता वीर प्रताप पटेल, सफाई निरीक्षक विवेक कुमार और सफाई नायक सर्वेश कुमार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
इसके साथ ही बीते वर्ष नाले की सफाई करने वाले ठेकेदार शाकिर मियां की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जा रही है।
सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि व्यस्त सैटेलाइट बस स्टेशन के पास नाला करीब एक साल तक खुला पड़ा रहा।
मई-जून में सफाई के बाद करीब 10 फीट चौड़ा हिस्सा बिना स्लैब और जाल के छोड़ दिया गया, जबकि यहां रोजाना 300 से ज्यादा बसें और 20 हजार से अधिक यात्री गुजरते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदारों ने सुरक्षा इंतजाम नहीं किए।
24 मार्च की रात 9:30 बजे हरदोई के शाहाबाद देहात निवासी तौहीद खुले नाले में गिर गए। अंधेरे और गहराई के बीच चले 30 घंटे लंबे रेस्क्यू के बाद उनका शव निकाला गया। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया और निगम की लापरवाही उजागर कर दी।
जांच में यह भी सामने आया कि नाले के चारों ओर लगाए गए सीमेंटेड बैरियर सिर्फ दिखावा साबित हुए। न तो मजबूत जाल लगाए गए और न ही स्थायी स्लैब डाले गए।
यानी खतरे की पूरी जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदारों ने आंखें मूंदे रखीं।
घटना के बाद नगर निगम ने शहर के खुले नालों को ढकने का अभियान शुरू कर दिया है। अलग-अलग स्थानों पर स्लैब लगाने और लोहे के एंगल से सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
साथ ही सभी नालों की सफाई के लिए नई निविदाएं भी जारी कर दी गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, दोषियों के खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने, पदोन्नति पर रोक लगाने से लेकर निलंबन जैसी बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।
नगर आयुक्त ने साफ कहा है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही को बख्शा नहीं जाएगा।
Published on:
05 Apr 2026 10:48 am
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