
जिलाधिकारी अविनाश सिंह
Bareilly (IGRS) और विभिन्न हेल्पलाइन पर आने वाली जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। शिकायतों का निस्तारण करने का दावा करने वाले कई विभागों की हकीकत जब शिकायतकर्ताओं के फीडबैक में सामने आई तो प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। डीएम ने 15 अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं चार एसडीएम, पांच तहसीलदार समेत 52 अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जिला प्रशासन की समीक्षा में सामने आया कि कई विभागों ने शिकायतों को पोर्टल पर तो निस्तारित दिखा दिया, लेकिन शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं थे। कई मामलों में संतुष्टि प्रतिशत बेहद खराब मिला, जबकि कुछ अधिकारियों का प्रदर्शन शून्य तक पहुंच गया। फीडबैक रिपोर्ट सामने आते ही डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्रवाई की जद में आने वालों में बहेड़ी, फतेहगंज पश्चिमी, क्यारा, मझगवां, फरीदपुर और भोजीपुरा क्षेत्र से जुड़े कई अधिकारी शामिल हैं। इनमें प्रभारी चिकित्साधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड, खंड शिक्षा अधिकारी, चकबंदी अधिकारी, दुग्ध विकास विभाग के अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, सब रजिस्ट्रार तथा परिवहन निगम के अधिकारी भी शामिल हैं।
डीएम ने चार उपजिलाधिकारियों और पांच तहसीलदारों समेत कुल 52 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। इनमें एसडीएम आंवला, नवाबगंज, फरीदपुर और बहेड़ी के अलावा तहसीलदार आंवला, नवाबगंज, फरीदपुर, बरेली और बहेड़ी सहित कई विभागीय अधिकारी शामिल हैं। उनसे पूछा गया है कि शिकायतों के निस्तारण के बावजूद जनता असंतुष्ट क्यों रही।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने स्पष्ट कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर रिपोर्ट लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना ही प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनसुनवाई और शिकायत निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।
डीएम ने कहा कि आईजीआरएस और हेल्पलाइन व्यवस्था सरकार और जनता के बीच भरोसे की मजबूत कड़ी है। यदि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं होगा तो पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होगी। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को शिकायतों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
Updated on:
04 Jun 2026 01:53 pm
Published on:
04 Jun 2026 01:53 pm
