रजिया के पति ने उसे तलाक देने के बाद एक माह तक बंधक बना कर भूखा प्यासा रखा और उसकी जमकर पिटाई की थी जिससे रजिया की हालत बिगड़ गई थी और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बरेली। पिछले कई दिनों से मौत से जंग लड़ रही तलाक पीड़ित रजिया की मौत हो गई। रजिया के पति ने उसे तलाक देने के बाद एक माह तक बंधक बना कर भूखा प्यासा रखा और उसकी जमकर पिटाई की थी जिससे रजिया की हालत बिगड़ गई थी और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर रजिया के परिजन उसे इलाज के लिए लखनऊ ले जा रहे थे लेकिन रजिया ने लखनऊ ले जाते समय दम तोड़ दिया। दम तोड़ते हुए भी उसे अपने मासूम बेटे अनम की चिंता और इन्साफ पाने की तड़प साफ़ नजर आ रही थी और दम तोड़ने से पहले उसके लफ्जों पर आखिरी सवाल यही था कि क्या उसके शौहर को सजा मिली।
दी गई यातनाएं
किला थाना क्षेत्र के स्वालेनगर की रहने वाली रजिया का निकाह कटघर के रहने वाले नईम के साथ 13 साल पहले हुआ था। शादी के कुछ दिनों बाद ही रजिया को दहेज के लिए प्रताणित किया जाने लगा और उससे दहेज में कार लाने को कहा गया। रजिया के साथ ससुराल में आए दिन मारपीट होती थी जिससे परेशान होकर रजिया दो माह पहले अपने मायके आ गई जिससे नाराज उसके पति ने उसे फोन पर ही तीन तलाक दे दिया। तलाक देने के बाद रजिया का पति उसे समझा बुझा कर अपने साथ ले गया और उसे एक जगह पर बंधक बना कर रख दिया जहाँ उसको यातनाएं दी गई। रजिया को खाना नहीं दिया जाता था और उसकी पिटाई की जाती थी ये बात जब रजिया के घर वालों को पता चली तो वो उसे वापस ले आए और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मेरा हक ने की मदद
तलाक पीड़ित रजिया ने इन्साफ के लिए कई जगह गुहार लगाई लेकिन उसकी किसी ने मदद नहीं की ऐसे में केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी की बहन और तलाक पीड़ित महिलाओं के लिए मेरा हक नाम का संगठन चलाने वाली फरहत नक़वी रजिया की मदद को आगे आई और उन्होंने अफसरों से बात कर रजिया को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। फरहत नकवी का कहना है कि रजिया पर जुल्म करने वालों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।