
Police arrest in medical murder case
बरेली। भुता थाना क्षेत्र से फरवरी में लापता हुए मेडिकल संचालक परमजीत हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। दवाइयों के लेन-देन में शुरू हुआ विवाद इतनी खूनी साजिश में बदल गया कि आरोपी ने अपने भाई और साले के साथ मिलकर मेडिकल संचालक को जहरीला इंजेक्शन लगा दिया। परमजीत की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। इसके बाद शव को बुलेरो में डालकर फतेहगंज पश्चिमी इलाके में फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक भुता के रिछा गांव निवासी 24 वर्षीय परमजीत मेडिकल स्टोर चलाता था। 21 फरवरी 2026 को वह मेडिकल स्टोर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसके पिता रामवीर ने गुमशुदगी दर्ज कराई। उसी दिन फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में उसका शव बरामद हुआ था। शुरुआत में मामला रहस्य बना रहा, लेकिन 14 मई को पिता ने सोमवीर नाम के युवक पर शक जताते हुए हत्या का आरोप लगाया।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी सोमवीर ने बताया कि उसका परमजीत से दवाइयों का लेन-देन था। घटना वाले दिन वह परमजीत को पट्टी कराने के बहाने अपने घर ले गया। वहां उसका भाई अजयवीर और साला आकाशदीप पहले से मौजूद थे। आरोपियों ने परमजीत से उधार के 10 हजार रुपये मांगे, लेकिन उसने देने से इनकार कर दिया। इसी दौरान नकली दवाइयों को लेकर विवाद बढ़ गया। परमजीत ने शिकायत करने की धमकी दी तो तीनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रच डाली।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने किलनी मारने वाली जहरीली दवा इंजेक्शन में भरकर परमजीत की नस में लगा दी। एक आरोपी ने उसके हाथ-पैर पकड़े, दूसरे ने रस्सी से बांध दिया। कुछ देर में परमजीत की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। आरोपियों ने शव को काले रंग की बोलेरो में रखा और रात में फतेहगंज पश्चिमी इलाके में फेंक आए। बाद में मृतक का मोबाइल नदी में बहा दिया।
एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने सोमवीर और आकाशदीप मौर्य को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, दो बाइक, बोलेरो कार, मृतक की अंगूठी, ओम लॉकेट, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस तीसरे आरोपी अजयवीर की तलाश में दबिश दे रही है।
Published on:
17 May 2026 06:58 pm
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