दिल्ली हाईवे किनारे औद्योगिक टाउनशिप को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। बीडीए ने बुधवार को जमीन खरीद और मुआवजा बांटने का काम शुरू करते ही साफ कर दिया कि अब यह योजना कागजों से निकलकर जमीन पर उतर चुकी है।
बरेली। दिल्ली हाईवे किनारे औद्योगिक टाउनशिप को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। बीडीए ने बुधवार को जमीन खरीद और मुआवजा बांटने का काम शुरू करते ही साफ कर दिया कि अब यह योजना कागजों से निकलकर जमीन पर उतर चुकी है। पहले ही दिन किसानों को मोटी रकम थमाई गई, जिससे इलाके में हलचल तेज हो गई है।
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ ए मनिकंडन ने बताया कि जमीन के बदले सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा तय कर किसानों को बड़ा संदेश दिया है। यही वजह है कि कई किसान खुद आगे आकर जमीन देने को तैयार हो गए हैं। प्राधिकरण दावा कर रहा है कि पूरी प्रक्रिया आपसी सहमति से होगी, जिससे विवाद की गुंजाइश खत्म हो सके।
शुभारंभ के साथ ही ग्राम रहपुरा जागीर के धर्मपाल, प्रेमराज और गंगा प्रसाद को कुल 74 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इतनी बड़ी रकम मिलते ही आसपास के गांवों में भी चर्चा तेज हो गई और अन्य किसान भी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सक्रिय दिखे। इस टाउनशिप के लिए कुल 126.3043 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। इसमें रसूला चौधरी, भिटौरा नौगंवा (फतेहगंज पश्चिमी), चिटौली और रहपुरा जागीर गांव शामिल हैं। दिल्ली हाईवे से जुड़ा यह इलाका आने वाले समय में बड़े उद्योगों का केंद्र बनने की तैयारी में है।
टाउनशिप बनने के साथ ही इलाके में रोजगार के नए दरवाजे खुलने की उम्मीद है। छोटे-बड़े उद्योग लगने से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही काम मिलेगा। साथ ही बाहरी निवेश आने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार मिलेगी। परियोजना के तहत सड़क, बिजली, पानी और ड्रेनेज जैसी सुविधाओं को आधुनिक स्तर पर विकसित किया जाएगा। इसका सीधा असर आसपास के गांवों और कस्बों पर भी पड़ेगा और पूरा इलाका तेजी से शहरी स्वरूप लेने लगेगा।
प्राधिकरण ने साफ किया है कि जमीन खरीद से लेकर भुगतान तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और हर भुगतान सीधे व तय मानकों के अनुसार किया जाएगा। औद्योगिक टाउनशिप की इस शुरुआत को बरेली के विकास का बड़ा टर्निंग प्वाइंट माना जा रहा है, जो आने वाले समय में जिले की दिशा और दशा दोनों बदल सकता है।