
बरेली। जागेश्वर मंदिर के गर्भगृह में गनर के असलहा लेकर पहुंचने के मामले ने तूल पकड़ लिया। पुजारियों के विरोध और मामला मीडिया में उछलने के बाद बुधवार सुबह डीएम ने अपनी पत्नी के साथ लिखित बयान जारी कर माफी मांग ली। उन्होंने इस घटना को अनजाने में हुई गलती बताते हुए पुरोहित समाज और श्रद्धालुओं से खेद जताया।
सोमवार को डीएम बरेली जागेश्वर धाम दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान उनका गनर असलहा लेकर गर्भगृह में दाखिल हो गया। जैसे ही यह तस्वीर सामने आई, मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं के एक समूह ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि गर्भगृह की मर्यादा का उल्लंघन हुआ है।
विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार पर असलहा लेकर प्रवेश न करने का चेतावनी बोर्ड लगवा दिया। मंगलवार शाम को डीएम ने इसे जानकारी के अभाव में हुई घटना बताते हुए मौखिक रूप से खेद भी जताया था। मामला मीडिया में सुर्खियों में आने के बाद बुधवार को डीएम ने विस्तृत लिखित बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि 29 जनवरी 2026 को उनके पिता के निधन के बाद उनकी आत्मा की शांति के लिए जागेश्वर धाम में महामृत्युंजय जाप और हवन-पूजन कराया जा रहा था। इसी क्रम में वह सपत्नी अवकाश लेकर मंदिर पहुंचे थे।
डीएम ने स्पष्ट किया कि संध्याकालीन पूजा के दौरान सिपाही पूजा सामग्री लेकर अनजाने में गर्भगृह के भीतर आ गया, जिसे तुरंत बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह अनजाने में हुई गलती थी। अपने बयान में डीएम ने कहा कि वह भगवान जागेश्वर धाम के चरणों में सिर झुकाकर क्षमा मांगते हैं और समस्त पुरोहित समाज व श्रद्धालुओं से भी इस भूल के लिए माफी चाहते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों अब सतर्क नजर आ रहे हैं, ताकि धार्मिक स्थलों की मर्यादा से जुड़ी ऐसी कोई चूक आगे न हो।
Published on:
22 Apr 2026 05:30 pm
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