22 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बराही जंगल में पुलिस की मुठभेड़, हाफ एनकाउंटर में एक शिकारी गिरफ्तार, साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार

माधोटांडा थाना क्षेत्र का बराही जंगल में शिकार के आरोपियों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में एक शिकारी घायल होकर दबोच लिया गया, जबकि उसके साथी घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

2 min read
Google source verification

पीलीभीत। माधोटांडा थाना क्षेत्र का बराही जंगल में शिकार के आरोपियों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में एक शिकारी घायल होकर दबोच लिया गया, जबकि उसके साथी घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। 15 अप्रैल की रात बराही जंगल में शिकारियों ने संरक्षित वन्यजीव (जंगली सूअर) का शिकार कर डाला। इतना ही नहीं, पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने फायरिंग भी की। इस सनसनीखेज वारदात के बाद माधोटांडा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस शिकारियों की तलाश में जुट गई।

मुखबिर की भनक, जंगल में बिछा जाल

एसपी पीलीभीत सुकीर्ति माधव मिश्रा ने बताया कि मंगलवार देर रात पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी नवदिया गेस्ट हाउस के पास सीतापुर ब्रांच नहर किनारे जंगल में छिपे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने चुपचाप जंगल में घेराबंदी कर दी। हर तरफ सन्नाटा था, लेकिन पुलिस का जाल पूरी तरह बिछ चुका था। जैसे ही आरोपियों को पुलिस की मौजूदगी का अहसास हुआ, उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से जंगल गूंज उठा। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ के दौरान हरजिंदर सिंह (28) के पैर में गोली लग गई, जिससे वह मौके पर ही धर दबोचा गया।

तमंचा, कारतूस और शिकार का खेल उजागर

गिरफ्तार आरोपी के पास से .315 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ है। इससे साफ है कि आरोपी पूरी तैयारी के साथ जंगल में शिकार के लिए उतरे थे। मुठभेड़ के दौरान बाकी आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस की टीमें लगातार जंगल और आसपास के इलाकों में दबिश दे रही हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।

पुराना अपराधी निकला घायल शिकारी

पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि हरजिंदर सिंह पहले भी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम समेत कई मामलों में वांछित रह चुका है। यानी यह शिकारियों का कोई पहला खेल नहीं था। इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल समेत पुलिस टीम के कई जवान शामिल रहे। पुलिस ने साफ कर दिया है कि जंगल में अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।