जिले में रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल, मैरिज हॉल और मिठाई की दुकानों में घरेलू एलपीजी सिलिंडर के इस्तेमाल पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। जिला पूर्ति विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों को तोड़ने वालों पर अब सीधे मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। विभाग के इस फैसले से कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
बरेली। जिले में रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल, मैरिज हॉल और मिठाई की दुकानों में घरेलू एलपीजी सिलिंडर के इस्तेमाल पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। जिला पूर्ति विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों को तोड़ने वालों पर अब सीधे मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। विभाग के इस फैसले से कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान घरेलू गैस सिलिंडरों का उपयोग कर रहे हैं। कुछ जगहों पर बिना वैध अनुमति के कमर्शियल सिलिंडर भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह पूरी तरह नियमों के खिलाफ है और पकड़े जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।
विभाग के अनुसार घरेलू एलपीजी का व्यावसायिक उपयोग आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का सीधा उल्लंघन है। ऐसे मामलों में धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर प्रतिष्ठान मालिक के साथ-साथ आयोजन कराने वाले व्यक्ति को भी कार्रवाई के दायरे में लाया जा सकता है। पूर्ति विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि किसी मैरिज हॉल या बारातघर में घरेलू या अवैध सिलिंडर का उपयोग पाया गया, तो सिर्फ संचालक ही नहीं, बल्कि बुकिंग कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। यह चेतावनी खास तौर पर शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए जारी की गई है।
जिला पूर्ति कार्यालय ने सभी पूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे जिले भर में औचक निरीक्षण करें। होटल, ढाबा, मिठाई की दुकानों और मैरिज हॉल की सघन जांच की जाएगी। कहीं भी नियमों का उल्लंघन मिला तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी ने व्यापारियों और आम लोगों से अपील की है कि वे केवल वैध व्यावसायिक गैस सिलिंडरों का ही उपयोग करें। इससे न सिर्फ कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकेगा, बल्कि सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।