प्रदेश की प्रगति को परखने वाले सीएम डैशबोर्ड की दिसंबर 2025 की रैंकिंग में बरेली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी धाक जमा दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी रैंकिंग में बरेली ने विकास और राजस्व कार्यों की संयुक्त श्रेणी में पहला स्थान हासिल कर लिया है।
बरेली। प्रदेश की प्रगति को परखने वाले सीएम डैशबोर्ड की दिसंबर 2025 की रैंकिंग में बरेली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी धाक जमा दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी रैंकिंग में बरेली ने विकास और राजस्व कार्यों की संयुक्त श्रेणी में पहला स्थान हासिल कर लिया है। यह सफलता सिर्फ कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर दिख रहे काम का नतीजा मानी जा रही है।
सीएम डैशबोर्ड वह मंच है, जहां सरकार की तमाम योजनाओं और परियोजनाओं की हकीकत हर महीने सामने आती है। सड़क, आवास, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा से लेकर राजस्व वसूली तक, हर विभाग की कार्यप्रणाली की यहां कड़ी समीक्षा होती है। दिसंबर माह की इस परीक्षा में बरेली ने कई बड़े और स्थापित जिलों को पीछे छोड़ते हुए टॉप रैंक हासिल की।
इस बड़ी उपलब्धि के पीछे जिलाधिकारी अविनाश सिंह की सक्रिय कार्यशैली और सख्त निगरानी को सबसे अहम कारण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अब योजनाओं की फाइलें दफ्तरों में अटकने के बजाय तय समयसीमा में जमीन पर उतर रही हैं। नियमित समीक्षा बैठकों और स्पष्ट निर्देशों ने अफसरों की जवाबदेही तय की, जिसका सीधा असर परिणामों में दिखाई दिया। रैंकिंग के आंकड़ों पर नजर डालें तो विकास कार्यक्रमों में बरेली को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला, जबकि राजस्व कार्यक्रमों में जिला तीसरे नंबर पर रहा। लेकिन जब दोनों क्षेत्रों के प्रदर्शन को मिलाकर ओवरऑल रैंकिंग तैयार की गई, तो बरेली ने सभी जिलों को पछाड़ते हुए प्रदेश में पहला स्थान अपने नाम कर लिया।
जिले में शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी विकास कार्यों की रफ्तार तेज हुई है। वहीं राजस्व मामलों में लंबे समय से लंबित प्रकरणों का तेजी से निस्तारण हुआ, जिससे जिले की स्थिति और मजबूत हुई। यही वजह रही कि सीएम डैशबोर्ड पर बरेली का प्रदर्शन ग्राफ लगातार ऊपर चढ़ता चला गया। प्रदेश में नंबर वन बनने पर जिलाधिकारी ने जिले की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने साफ कहा कि यह मुकाम अंतिम नहीं है और आने वाले समय में भी इसी गति और ईमानदारी से काम जारी रखना होगा। सीएम डैशबोर्ड की यह रैंकिंग एक बार फिर साबित करती है कि मजबूत नेतृत्व और सख्त अमल से बरेली जैसे जिले प्रदेश के लिए मिसाल बन सकते हैं।