एक तरफ साइबर ठगों का जाल और दूसरी तरफ आठवीं का छात्र… लेकिन बाजी पलट दी तन्मय ने। ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 10 घंटे तक परिवार को डराने वाले ठगों की चाल इस बच्चे की सूझबूझ के आगे फेल हो गई।
बरेली। एक तरफ साइबर ठगों का जाल और दूसरी तरफ आठवीं का छात्र… लेकिन बाजी पलट दी तन्मय ने। ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 10 घंटे तक परिवार को डराने वाले ठगों की चाल इस बच्चे की सूझबूझ के आगे फेल हो गई। 6 लाख की ठगी से परिवार को बचाने वाले तन्मय को जोन सभागार में एडीजी रमित शर्मा और एसएसपी अनुराग आर्य ने सम्मानित कर साइबर जागरूकता का ब्रांड एंबेसडर बनाने का ऐलान किया है।
प्रेमनगर क्षेत्र के सुखां मोहल्ला निवासी चंद्रशेखर के परिवार को ठगों ने खुद को पुणे एटीएस बताकर वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। आतंकी लिंक का झांसा देकर आधार, बैंक पासबुक की जानकारी ली गई और मोबाइल स्क्रीन पर फर्जी कोर्ट वारंट दिखाकर 6 लाख रुपये की मांग की गई। परिवार पर मानसिक दबाव इतना था कि हर पल गिरफ्तारी का डर बना रहा।
इसी बीच आठवीं में पढ़ने वाले तन्मय उर्फ तनु ने पूरा मामला समझ लिया। उसने न केवल कॉल की रिकॉर्डिंग कर ली, बल्कि फर्जी वारंट के स्क्रीनशॉट भी सेव कर लिए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। जैसे ही ठगों को शक हुआ कि उनका प्लान फेल हो रहा है, उन्होंने गाली-गलौज करते हुए कॉल काट दिया। इस तरह 6 लाख की बड़ी ठगी टल गई।
तन्मय की इस बहादुरी और समझदारी को देखते हुए जोन कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में एडीजी रमित शर्मा और एसएसपी अनुराग आर्य ने उसे सम्मानित किया। उपहार में ड्रॉइंग बोर्ड, कलर्स और चॉकलेट देकर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही उसे साइबर जागरूकता का ‘ब्रांड एंबेसडर’ घोषित किया गया।
तन्मय अब अपने चित्रों और कलाकृतियों के जरिए साइबर सुरक्षा का संदेश देगा। उसकी बनाई गई पेंटिंग्स को बरेली पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो सकें। एडीजी रमित शर्मा ने कहा कि फर्जी कॉल और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से घबराने की जरूरत नहीं है।
किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें। हर नागरिक को तन्मय की तरह सतर्क रहकर डिजिटल सुरक्षा में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम में एसपी सिटी मानुष पारीक सीओ आशुतोष शिवम, सीओ इंटेलिजेंस विजय राणा, स्टाफ ऑफिसर धर्मेंद्र राय, डिप्टी एसपी गोपनीय शोएब, साइबर टीम से जुड़े पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।