वन विभाग की पहली कोशिश यही है कि हाथियों को खदेड़ कर वापस नेपाल के जंगलों में भेजा जाए। elephant attack में अब तक तीन की हो चुकी है मौत
बरेली। नेपाल से रास्ता भटक कर बरेली पहुँचे दोनों जंगली हाथियों ने अब शहर की तरफ रुख कर दिया है। इस समय हाथी शहर से 20 किलोमीटर दूर मीरगंज क्षेत्र में है।वन विभाग की कई टीम हाथियों पर नजर बनाए हुए है। यहां आपको बता दे कि हाथी अब तक एक वन रक्षक समेत तीन लोगों की जान ले चुके है। Elephant attack में वन रक्षक की मौत के बाद वन विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है। वन विभाग की कोशिश है कि हाथियों को वापस नेपाल के जंगल में खदेड़ दिया जाए।
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भीड़ देख कर भड़क रहे हाथी
नेपाल के जंगल से भटक कर आए दोनों हाथी नर है और इनमें से बड़ा वाला हाथी ही लोगों पर हमला कर रहा है। वह विभाग के अफसरों की माने तो भीड़ देखकर हाथी भड़क रहे हैं और वो Elephant attack आत्मरक्षा में लोगों पर हमला कर रहे हैं।
पीलीभीत के रास्ते पहुँचे बरेली
पड़ोसी देश नेपाल के जंगल से पीलीभीत टाइगर रिज़र्व का क्षेत्र सटा हुआ है। ऐसे में अक्सर नेपाली हाथी व वन्य जीवों का इधर उधर आना जाना लगा रहता है। नेपाल से हाथियों का झुंड भी शारदा नदी पार कर पीलीभीत के जंगल में पहुँच गए। इनमे से दो हाथी झुंड से बिछड़ गए जिन्हें पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र में पहली बार देखा गया था। जिसके बाद ये हाथी बरेली पहुँच गए और बरेली और रामपुर में अब तक तीन लोगों की जान ले चुके हैं।
हाथियों को खदेड़ने को लगी कई टीम
elephant attack में वन रक्षक की मौत के बाद अब पूरा वन विभाग का अमला सतर्क हो गया है और हाथी को खदेड़ने के लिए कई टीमें प्रयास कर रही हैं। हाथियों को खदेड़ने के लिए दुधवा के जंगल से हाथी भी मंगाए गए है। हाथियों को बेहोश कर भी ले जाया जा सकता है लेकिन इसके विशेषज्ञ उत्तर प्रदेश में नहीं है इस लिए वन विभाग की पहली कोशिश यही है कि हाथियों को खदेड़ कर वापस नेपाल के जंगलों में भेजा जाए।